Monday, Jun 27, 2022
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इग्नू के प्रोफेसरों को हनुमान जी की तरह नहीं है अपनी शक्तियों का आभास : प्रधान

  • Updated on 4/26/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। इग्नू के प्रोफेसर भगवान हनुमान की तरह हैं, जिन्हें अपनी शक्ति का आभास नहीं है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के दौरान उक्त बातें कहीं। इस दौरान प्रधान ने इग्नू के प्रोफेसरों की काफी सराहना की। बता दें कि इस साल दीक्षांत समारोह में देशभर से कुल 2 लाख 91 हजार 588 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किया गया है जोकि आज तक का सबसे सर्वाधिक संख्या में बांटा गया डिप्लोमा है।
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छात्र नेता से शिक्षा मंत्री बना हूं : प्रधान
प्रधान ने कहा कि वह छात्र नेता रहे हैं और अब शिक्षा मंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि मैं यहां छात्र के रूप में आया हूं। आप कहीं भी कुछ भी कर रहे हैं लेकिन अगर आपमें सीखने की ललक है और कुछ सीखना चाहते हैं तो आप छात्र हैं। छात्र होना एक मानसिक अवस्था है, ये एक सोच है। उन्होंने हाल ही में हनुमान चालिसा पर उठे विवाद पर कहा कि हमारे देश में सहिष्णुता के बारे में बोला जाता है और लिखा जाता है। कई बार हमें विदेशों से भी इस बारे में सलाह मिलती है लेकिन मुझे लगता है कि यह हमारे लोकतंत्र में अंर्तिनहित है। भगवान हनुमान को आदिवासियों की आवाज बनने व समाजसेवा के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इग्नू के प्रोफेसरों को देशभर में इसके क्षेत्रीय केंद्रों से जुड़े अध्यापकों में हनुमान जी के गुण है। जिस तरह हनुमान जी को अपनी शक्तियों नहीं मालूम थी कि वो क्या-क्या कर सकते हैं उसी तरह इग्नू के प्रोफेसरों को भी पता नहीं है कि वो क्या-क्या कर चुके हैं।

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