Wednesday, Oct 16, 2019
important decision of sc- schools, colleges and hospitals seeking government help are also under rti

SC का अहम फैसला- सरकारी मदद लेने वाले स्कूल-कालेज, अस्पताल भी RTI के दायरे में

  • Updated on 9/18/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सुप्रीम कोर्ट (Suprime court) ने मंगलवार को एक अहम फैसले में कहा कि स्कूल, कॉलेज या अस्पताल जो सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से मदद लेते हैं वे सूचना के अधिकार (RTI) कानून के तहत जानकारी देने के लिए बाध्य हैं। कोर्ट ने कहा सभी गैर सरकारी संगठन (NGO) आरटीआई के तहत जानकारी देंगे। ऐसे सभी संगठन जिन्हें सरकार से मदद मिलती है। वे लोगो को जानकारी देने के लिए बाध्य हैं। 

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लोगो को पैसे का हिसाब दे एनजीओ
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि अगर एनजीओ या अन्य संस्थान सरकार से पर्याप्त मात्रा में वित्तीय मदद लेते हैं तो हमें कोई ऐसा कारण नहीं नजर आता कि क्यों कोई नागरिक यह जानकारी नहीं मांग सकता कि एनजीओ या अन्य संस्थानों को दिए गए उनके पैसो का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं।

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आइटीआई एक्ट का मकसद है पारदर्शिता लाना
सार्वजनिक जीवन और व्यवहार में पारदर्शिता लाने के लिए ही आइटीआई एक्ट लागू किया गया था। एक एनजीओ को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार आर्थिक मदद करती है। इसके तहत यह संस्थान लोगों के प्रति जवाबदेह है और इन्हें इससे जुड़ी पूरी जानकारी मिलनी चहिए।

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गैर सरकारी संगठनों की याचिका पर हुई थी सुनवाई
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में इस बात पर सुनवाई थी की सरकार से पैसे लेने वाले एनजाओ 2005 के आरटीआइ एक्ट के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण के दायरे में आते हैं। या नहीं। कई एनजीओ, स्कूलों, और कॉलेजों ने शिर्ष अदालत में याचिका दायर कर यह दावा किया कि बद आरटचीआई एक्ट के दायरे में नहीं आते। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन्हें आरटीआई के तहत ये संस्थाएं जानकारी देने के लिए बाध्य है।

                                                                                                                                                           
 

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