Tuesday, Jun 28, 2022
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Important initiative for research on traditional sports, MoU signed

पारंपरिक खेलों पर रिसर्च के लिए महत्वपूर्ण पहल, एमओयू साइन, विभिन्न बिंदुओं पर होगा काम

  • Updated on 6/22/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। देश में पारंपरिक खेलों की खोज और उन्हें बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और आईएमटी गाजियाबाद ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में दोनों संस्थान मिलकर विभिन्न बिंदुओं पर काम करेंगे। 

236 डिग्री कॉलेजों में अध्य्यनरत 2 लाख 31 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। आईएमटी गाजियाबाद में खेल शोध केंद्र संचालित हैं। यह केंद्र देश में पारंपरिक खेलों पर गहन कार्य कर रहा है। इसी क्रम में बुंदेलखंड क्षेत्र में पारंपरिक खेलों पर रिसर्च करने के लिए नए कदम उठाए गए हैं। 

इसके लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और आईएमटी गाजियाबाद ने हाथ मिलाया है। बुंदेलखंड विवि के कुलपति डॉ. मुकेश पांडेय और आईएमटी गाजियाबाद के डायरेक्टर डॉ. विशाल तलवार ने एमओयू पर वर्चुअल हस्ताक्षर किए हैं। डॉ. विशाल तलवार ने बताया कि आईएमटी में खेल को संस्कृति बनाने की दिशा में निरंतर शोध किया जा रहा है। 

इसके अलावा देश के सुदूर क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों को पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित एवं प्रोत्साहित करने पर भी अध्य्यन हो रहा है। स्पोर्ट्स रिसर्च सेंटर के हेड डॉ. कनिष्क पांडेय के मुताबिक सभी आधुनिक खेलों की जड़ कहीं न कहीं पारंपरिक खेलों से जुड़ी हुई है। उस जड़ को खोजने और पल्लवित व पुष्पित करने की आवश्यकता है। 

इसी को ध्यान में रखकर यह एमओयू साइन हुए हैं। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में दोनों संस्थान मिलकर विभिन्न बिंदुओं पर काम करेंगे। जिनमें खेल की वर्तमान स्थिति का अध्य्यन, खेल साक्षरता की समीक्षा, खेलों को बढ़ावा देने के उपाय, ओलंपिक से संबंधित खेलों की स्थिति और उसके प्रोत्साहन के प्रयास पर काम होगा। 

इसके अतिरिक्त वन डिस्ट्रिक वन स्पोर्ट्स के लिए बुंदेलखंड के सभी जिलों के लिए खेल संभावनाओं पर अध्य्यन, आदर्श खेल ग्राम विकसित करना व अवसाद से निपटने को स्पोर्ट्स थैरेपी का उपयोग शामिल है। एमओयू साइन होने से बुंदेलखंड के सभी 7 जिलों के कुल 362 डिग्री कॉलेजों में अध्य्यनरत 2 लाख 31 हजार 619 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। 
 

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