Tuesday, May 21, 2019

एन.डी.ए. के शासन में वस्तुएं सस्ती और सेवाएं महंगी

  • Updated on 4/27/2019

नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद विद्याॢथयों के लिए प्राइवेट कोङ्क्षचग महंगी हो गई है। यह बात उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति दर (सी.पी.आई.) में सामने आई है, जोकि दहाई के अंक में पहुंच गई है। 

आम आदमी द्वारा इस्तेमाल की जाती अन्य बहुत-सी सेवाएं जिनमें अस्पताल तथा नॄसग, कुक, घरेलू सहायक तथा बस किराया व अन्य शामिल हैं, पिछले 4 वर्षों में दहाई के अंक में पहुंच गई हैं। इससे आम लोगों पर बोझ पड़ा है।  हालांकि जी.एस.टी. दरें घटाने से वस्तुओं की कीमतों में आई कमी से कुछ संतुलन बना है। कोचिंग में सी.पी.आई. आधारित मुद्रास्फीति दर  2015 में 7.25 प्रतिशत से बढ़ कर इस वर्ष जनवरी में 12.25 प्रतिशत हो गई है। 

अस्पताल और नॄसग चाॢजस के मामले में मुद्रास्फीति दर दोगुनी से ज्यादा हो गई है और यह जनवरी 2015 के 6 प्रतिशत से बढ़ कर इस वर्ष जनवरी में 13.5 प्रतिशत हो गई।  कुकों अथवा घरेलू सहायकों की सी.पी.आई. मुद्रास्फीति 6 से बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्वीपर्स के मामले में यह 2015 के 5 प्रतिशत के मुकाबले 12 प्रतिशत पहुंच गई। 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्रुप के मुख्य आॢथक अधिकारी सोम्यकांति घोष ने अस्पताल और शिक्षा संबंधी क्षेत्रों में सेवाओं की मुद्रास्फीति दर बढऩे के लिए मांग के मुकाबले आधारभूत सुविधाओं में कमी को उत्तरदायी माना है। इसके अलावा सेवाओं में मुद्रास्फीति दर इसलिए भी अधिक है क्योंकि वस्तुओं के मुकाबले सेवाओं में जी.एस.टी. दरें अधिक लगाई गई हैं जबकि उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई वस्तुओं में जी.एस.टी. घटाई गई है।

सिगरेट और बियर इत्यादि नशीले पदार्थों की मुद्रास्फीति दर 4 वर्ष पहले  के मुकाबले आधी हो गई है। विदेशी शराब की कीमत वृद्धि दर 2015 के  8.28 प्रतिशत से कम होकर जनवरी 2019 में 1.76 प्रतिशत हो गई है। 

नशीले पदार्थों पर उच्चतम जी.एस.टी. टैक्स रेट 28 प्रतिशत के ऊपर अतिरिक्त सैस लगाया जाता है। शराब को अभी तक जी.एस.टी. में शामिल नहीं किया गया।

पिछले वर्ष जुलाई में हुई जी.एस.टी.परिषद की बैठक में कई उपभोक्ता वस्तुओं की दरें घटाई गई थीं। स्मॉल स्क्रीन टी.वी., रैफ्रीजरेटरों और वाशिंग मशीनों पर जी.एस.टी.28 प्रतिशत से कम करके 18 प्रतिशत कर दी गई थी। नवम्बर 2018 में डिटर्जैंट, शैम्पू तथा सौंदर्य उत्पादों सहित 178 वस्तुओं पर भी जी.एस.टी. दर 28 प्रतिशत से कम कर 18 प्रतिशत कर दी गई थी। 

केयर रेटिंग्स के मुख्य इकोनामिस्ट मदन सबनवीस का कहना है कि अस्पताल और प्राइवेट कोचिंग की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है क्योंकि इन क्षेत्रों में कीमतें रिवाइज होती रहती हैं।                                                        ---दिलाशा सेठ

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