Tuesday, Oct 04, 2022
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नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक में PM मोदी ने राज्यों को दिया 3टी मंत्र

  • Updated on 8/8/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के आधुनिकीकरण की पुरजोर वकालत करते हुए रविवार को कहा कि यह भारत को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के अलावा वैश्विक अगुआ बनाने में भी मददगार होगा। प्रधानमंत्री ने नीति आयोग के शीर्ष निकाय संचालन परिषद की यहां आयोजित बैठक में आयात घटाने और निर्यात बढ़ाने के लिए राज्यों से ‘3टी’ (व्यापार, पर्यटन और प्रौद्योगिकी) को प्रोत्साहन देने का आग्रह भी किया।

संचालन परिषद की सातवीं बैठक खत्म होने के बाद जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें लोगों को जहां भी संभव हो, स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। ‘वोकल फॉर लोकल’ किसी एक राजनीतिक दल का एजेंडा न होकर एक साझा लक्ष्य है।’ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक अगुआ बनने के लिए कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण के आधुनिकीकरण पर ध्यान देने की जरूरत है।’

उन्होंने कहा कि भारत को खाद्य तेलों के उत्पादन में स्वावलंबी बनने पर ध्यान देना चाहिए। जीवनयापन को सुगम बनाने, सेवा की पारदर्शी आपूर्ति और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने पर तीव्र गति से जारी शहरीकरण भारत के लिए कमजोरी के बजाय एक ताकत बन सकता है।

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी से निपटने में सभी राज्यों के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सहकारी संघवाद की धारणा के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने जीएसटी का राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए मिलजुलकर प्रयास करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि अभी इस दिशा में व्यापक संभावना मौजूद है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी आॢथक स्थिति को मजबूती देने और पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए यह बेहद अहम है।’ उन्होंने कहा कि इस बैठक में उठे मुद्दे अगले 25 साल के लिए देश की प्राथमिकताओं को परिभाषित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘आज हमने जो बीज बोया, वह वर्ष 2047 में भारत को मिलने वाले फलों को तय करेगा।’

बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए एक बड़ा अवसर और व्यापक जिम्मेदारी लेकर आ रही है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति से जुड़े ङ्क्षबदुओं पर प्रकाश डालते हुए शिक्षण और पठन-पाठन की स्थिति बेहतर करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा कि महामारी के बाद भारत को नए सिरे से सशक्त करने के लिए केंद्र एवं राज्यों के साझा प्रयासों की जरूरत है।

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