Sunday, Apr 18, 2021
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increased wealth of adani group chief corona era on adani-ambani ineffective

अडानी ग्रुप के मुखिया की बढ़ी संपत्ति, अडानी-अंबानी पर कोरोना काल रहा बेअसर!

  • Updated on 3/3/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना (Coronavirus) काल में वर्ष 2020 के दौरान भारत में 40 उद्यमी अरबपतियों की सूची में जुड़ गए। इन्हें मिलाकर भारत के कुल 177 लोग अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए। दुनिया के धनी लोगों की हुरुन ग्लोबल की इस सूची में कहा गया है कि वर्ष 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में रही, भारत में 40 लोग अरबपतियों की सूची में पहुंच गए। अंबानी (Ambani) और अडानी (Adani) पर कोरोना काल बेअसर रहा। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL)के प्रमुख मुकेश अंबानी लगातार सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं। उनकी संपत्ति 24 प्रतिशत बढ़कर 83 अरब डालर पर पहुंच गई। दुनिया के अरबपतियों की सूची में वह एक पायदान चढ़कर 8वें नंबर पर पहुंच गए।

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आनंद महिन्द्रा की संपत्ति में भी 100 प्रतिशत वृद्धि
अडानी ग्रुप के मुखिया उद्योगपति गौतम अडानी की संपत्ति में भी अच्छा इजाफा हुआ है। वर्ष 2020 में उनकी संपत्ति 32 अरब डालर तक पहुंच गई और दुनिया के अमीरों की सूची में उनका स्थान 20 पायदान चढ़कर 48 नंबर पर पहुंच गया। मुकेश अंबानी के बाद वह दूसरे सबसे अमीर भारतीय बन गए हैं। उनके भाई विनोद की संपत्ति 128 प्रतिशत बढ़कर 9.8 अरब डालर हो गई। आई.टी. कम्पनी एच.सी.एल. के शिव नाडर भारत के अरबपतियों की सूची में 27 अरब डालर की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर रहे। महिन्द्रा समूह के आनंद महिन्द्रा की संपत्ति में भी 100 प्रतिशत वृद्धि हुई है और यह 2.4 अरब डालर हो गई। 

बॉयोकोन की किरण मजूमदार शॉ की संपत्ति 41 प्रतिशत बढ़कर 4.8 अरब डालर हो गई। वहीं पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण की संपत्ति इस दौरान 32 प्रतिशत घटकर 3.6 अरब डालर रह गई।  

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एलन मस्क 197 अरब डालर की संपत्ति के साथ शीर्ष पर
वैश्विक स्तर पर यदि बात की जाए तो टेस्ला के एलन मस्क 197 अरब डालर की संपत्ति के साथ शीर्ष पर रहे हैं। इसके बाद एमेजॉन के जैफ बेजोस का स्थान रहा है। उनकी संपत्ति 189 अरब डालर रही है। 
इस रिपोर्ट में 15 जनवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक व्यक्तिगत या फिर पारिवारिक संपत्ति के तौर पर आकलन किया गया है। हुरुन इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य शोधकत्र्ता अनास रहमान जुनैद ने कहा कि भारत में संपत्ति का सृजन चक्रीय अथवा परंपरागत उद्योगों पर आधारित है जबकि अमरीका और चीन में यह प्रौद्योगिकी उद्योग पर आधारित है। 

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नीलामी में 77,814.80 करोड़ रुपए का 855.60 मैगाहर्ट्ज स्पैक्ट्रम बिका
वहीं भारत में 5 साल में पहली स्पैक्ट्रम नीलामी आज संपन्न हो गई। इस दौरान विभिन्न दूरसंचार कम्पनियों ने 77,814.80 करोड़ रुपए का स्पैक्ट्रम खरीदा। मुकेश अंबानी की कम्पनी रिलायंस जियो ने सबसे अधिक स्पैक्ट्रम खरीदा। सोमवार को 2,250 मैगाहर्ट्ज स्पैक्ट्रम की नीलामी शुरू हुई थी। इसका आरक्षित मूल्य करीब 4 लाख करोड़ रुपए था। दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने कहा कि 2 दिन की नीलामी में 77,814.80 करोड़ रुपए का 855.60 मैगाहर्ट्ज स्पैक्ट्रम खरीदा गया। रिलायंस जियो ने 57,122.65 करोड़ रुपए का स्पैक्ट्रम खरीदा।

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रिलायंस जियो की 5जी सर्विस देने की तैयारी
वहीं भारती एयरटैल ने 18,699 करोड़ रुपए का स्पैक्ट्रम हासिल किया है।  वोडाफोन आइडिया लि. ने 1,993.40 करोड़ रुपए की रेडियो तरंगों के लिए बोली लगाईं। नीलामी के दौरान 800 मैगाहर्ट्ज, 900 मैगाहर्ट्ज, 1800 मैगाहर्ट्ज, 2100 मैगाहर्ट्ज और 2300 मैगाहर्ट्ज बैंड में बोलियां आईं लेकिन 700 और 2500 मैगाहर्ट्ज में कोई बोली नहीं मिली। नीलामी के लिए पेश कुल स्पैक्ट्रम में से 700 मैगाहर्ट्ज बैंड के स्पैक्ट्रम का हिस्सा एक-तिहाई था। 

रिलायंस जियो ने जो स्पेक्ट्रम खरीदा है उसका इस्तेमाल 5जी सर्विस देने के लिए भी किया जा सकता है। रिलायंस जियो ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसने स्वदेशी 5जी तकनीक विकसित कर ली है जिसे अमेरीका में टेस्ट कर लिया गया है। रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी ने कहा कि  जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति ला दी है।  हम अपने ग्राहकों को बेहतरीन डिजिटल अनुभव प्रदान करना चाहते हैं।

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