Wednesday, May 12, 2021
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india angry over uk mp discussion on farmers protest says false claims made pragnt

किसान आंदोलन पर ब्रिटेन के सांसदों की चर्चा पर भारत नाराज, कहा- किए गए झूठे दावे

  • Updated on 3/9/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन बीते 100 दिनों से जारी है लेकिन आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर अंतारराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। इस बीच लंदन में भारतीय उच्चायोग ने भारत में तीन कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर एक 'ई-याचिका' पर कुछ सांसदों के बीच हुई चर्चा की निंदा की है।

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ब्रिटिश सांसदों की चर्चा पर भारत ने की निंदा
उच्चायोग ने सोमवार शाम ब्रिटेन के संसद परिसर में हुई चर्चा की निंदा करते हुए कहा कि इस 'एक तरफा चर्चा में झूठे दावे' किए गए हैं। उच्चायोग ने एक बयान में कहा, 'बेहद अहसोास है कि एक संतुलित बहस के बजाय बिना किसी ठोस आधार के झूठे दावे किए गए... इसने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में से एक और उसके संस्थानों पर सवाल खड़े किए हैं।' यह चर्चा एक लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली 'ई-याचिका' पर की गई। भारतीय उच्चायोग ने इस चर्चा पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

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कृषि सुधार भारत का घरेलू मामला
हालांकि, ब्रिटेन की सरकार पहले ही भारत के तीन नए कृषि कानूनों के मुद्दे को उसका 'घरेलू मामला' बता चुकी है। ब्रिटिश सरकार ने भारत की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, 'भारत और ब्रिटेन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बेहतरी के लिए एक बल के रूप में काम करते हैं और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग कई वैश्विक समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है।' उच्चायोग ने कहा कि उसे उक्त बहस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी क्योंकि उसमें भारत को लेकर आशंकाएं व्यक्त की गई थीं। 

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आंदोलन में शामिल महिलाओं को TIME Magazine में मिली जगह
इससे पहले किसान आंदोलन में शामिल महिलाओं को TIME मैग्जीन ने अपने कवर परेज पर जगह दी है। पूरा कवर पेज किसान आंदोलन में शामिल महिलाओं को समर्पित किया है। इसमें महिलाओं के लिए टैग एक खास टैग लाइन लिखी गई है 'मुझे डराया धमकाया नहीं जा सकता है और न ही खरीद जा सकता है। भारत के किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रही महिलाएं टाइम मैग्जीन के कवर पेज पर किसान आंदोलन में शामिल जिन महिलाओं की तस्वीर है वो हैं- दिलबीर कौर,बिन्दु अम्मां, उर्मिला देवी, साहुमति पाधा, हीराथ झाड़े, अमनदीप कौर, गुरमर कौर, सुरजीत कौर, जसवंत कौर, सरजीत कौर, सुदेश गोयत शामिल हैं। इन महिलाओं में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की ज्यादा महिलाएं हैं।

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मैग्जीन में महिलाओं के जज्बे की तारीफ
मैग्जीन में लिखे गए आर्टिकल में किसान आंदोलन का नेृतृत्व करने वाली महिलाओं के जज्बे की तारीफ की गई है। इसमे लिखा गया है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की किसान महिलाएं सरकार के मना करने के बाद भी किसान आंदोन में पूरे जोश के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। बता दें कि किसान आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। ग्रेटा थनबर्ग और पॉप स्टार रिहाना के समर्थन के बाद किसान आंदोलन को इंटरनेशनल लेवल पर काफी सुर्खियां भी मिली थीं। 

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