Tuesday, Jul 05, 2022
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भारत ने बैन किया गेहूं निर्यात तो हिल गया अंतरराष्ट्रीय बाजार, कीमतों में 6% उछाल

  • Updated on 5/17/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत के गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध ने अंतरराष्ट्रीय बाजार को हिला कर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमतों में लगभग 6 प्रतिशत प्रति बुशल (60 पाउंड या एक मिलियन कर्नेल या 27.21 किलोग्राम) की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। हालांकि भारत में स्थानीय स्तर पर, विभिन्न राज्यों में गेहूं की कीमतों में 4-8 प्रतिशत की तेजी से गिरावट आई है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पहले ही बढ़ चुकी है कीमत
24 फरवरी को रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की कीमतों में उछाल आया। युद्ध के कारण वैश्विक गेहूं की कीमतें 2022 में 60 प्रतिशत से ज्यादा उछल गईं। इसका कारण है कि सिर्फ रूस और यूक्रेन मिलकर विश्व के गेहूं के निर्यात का लगभग एक तिहाई हिस्सा देते हैं।

वहीं भारत के अप्रत्याशित गेहूं निर्यात प्रतिबंध ने कीमतों को और बढ़ा दिया। भारत विश्व गेहूं के निर्यात का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा देता है। केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।

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केंद्र ने इस कारण बैन किया गेहूं का निर्यात
केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय, वाणिज्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और कृषि सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं की कीमत बढ़ रही थी, जिसके मदद्देनजर देश में भी इसके भाव में इजाफा हो रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने जनहित में इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। यह फैसला तब आया है, जब अभी भारत ने गेंहू के निर्यात को बढ़ाने का लक्ष्य रखा था।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूॢत में व्यवधान के मद्देनजर निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है। रूस और यूक्रेन गेहूं के प्रमुख निर्यातक रहे हैं। मजबूत वैश्विक मांग के कारण 2021-22 में भारत का गेहूं निर्यात बढ़कर 70 लाख टन यानी 2.05 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। डीजीएफटी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में कुल गेहूं निर्यात में से लगभग 50 प्रतिशत खेप बांग्लादेश भेजी गई थी। पिछले साल इसी अवधि में 1,30,000 टन के मुकाबले देश ने इस साल लगभग 9,63,000 टन गेहूं का निर्यात किया। भारत को 2022-23 में एक करोड़ टन गेहूं का निर्यात करने की उम्मीद थी। 

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