Sunday, Dec 05, 2021
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भारत-चीन की आज बेहद अहम सैन्य वार्ता, सेनाओं के वापसी पर होगा फैसला

  • Updated on 10/19/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पूर्वी लद्दाख (Ladakh) के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के इलाके में तापमान शून्य से नीचे जा चुका है और हल्की बर्फीली हवायें चलनी शुरु हो गई हैं जो आगे और तेज हो जाएंगी। ऐसे में एलएसी पर तैनात भारत और चीन की सेनाएं वापस होंगी या वहीं डटी रहेंगी, इसका  फैसला इस हफ्ते होने वाली कोर्प कमांडर स्तरीय वार्ता में हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो सैन्य स्तर की अगली वार्ता 19 अक्टूबर यानी आज हो सकती है। 

दोनों देशों के बीच कार्प कमांडर स्तर की यह आठवें दौर की बातचीत होगी जिसमें पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकता है। जहां आने वाले समय में कड़ी सर्दियां पड़ने वाली हैं। 

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सातवें दौर की बातचीत सकारात्मक और फलदायक रही
बता दें कि इससे पहले 12 अक्टूबर को सातवें दौर की वार्ता के दौरान दोनों देशों के सैनिकों के टकराव वाले बिंदुओं से सैनिकों की वापसी में कोई सफलता नहीं मिली है। दोनों पक्षों ने कहा था कि सातवें दौर की बातचीत सकारात्मक और फलदायक रही। एक सूत्र ने कहा, आठवें दौर की सैन्य वार्ता इस सप्ताह हो सकती है। तारीख को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। 

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पीएलए के सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों को डराने-धमकाने की कोशिश
दरअसल सातवें दौर की वार्ता के एक दिन बाद दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा था, दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से संवाद और संचार बनाए रखने और जल्द से जल्द सैनिकों की वापसी के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने को लेकर सहमति जतायी।

वहीं 29 और 30 अगस्त की रात को इलाके में पीएलए के सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों को डराने-धमकाने की कोशिश के बाद भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के आसपास स्थित मुखपारी, रेजांग ला और मगर पहाड़ी इलाकों में नियंत्रण हासिल कर लिया था।

इसके बाद 21 सितंबर को छठे दौर की सैन्य वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने कई फैसलों की घोषणा की थी, जिसमें अग्रिम क्षेत्रों में और अधिक सैनिकों को नहीं भेजने, एकतरफा रूप से जमीन पर स्थिति को बदलने से बचने और ऐसी कोई भी कार्रवाई करने से बचना शामिल था जिससे मामला और जटिल हो जाए।

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