Friday, Dec 06, 2019
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लगातार गिर रही है भारत की अर्थव्यवस्था, जानें सरकार क्यों नहीं कर पा रही सुधार

  • Updated on 12/2/2019

नई दिल्ली/ प्रियंका शर्मा। भारत सरकार ने हाल ही में जो सकल घरेलू उत्पाद (Gross domestic product) के नए आकड़े जारी किए हैं इससे साफ जाहिर होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) लगातार खराब दौर से गुजर रही है। जारी किए गए आकड़ों के अनुसार तिमाही में जीडीपी (GDP) 4.5 फीसदी पहुंच गई जो कि पिछले छह साल में सबसे निचले स्तर पर है। वहीं पिछली तिमाही की जीडीपी (GDP) 5 फिसदी रही थी। 

देश की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए जुलाई में पेश की गई बजट के बाद से सरकार ने कई कदम उठाए हैं। लेकिन इससे जुड़े आकड़े उन प्रयासों पर सवाल खड़ा कर रहे है। इस पर आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि सरकार द्वारा उठाए कदमों का देश की अर्थव्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। 

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कॉर्पोरेट टैक्स में की गई कमी
सरकार ने स्थिति में सुधार के लिए 20 सितंबर को कॉर्पोरेट टैक्स में कमी करने की घोषणा की। जिसमें टैक्स में कमी के दो स्तर हैं। जिसमें 22 फिसदी की दर सभी कंपनियों पर लागू करने की बात हुई थी वहीं नई मैनुफैक्चिरिंग कंपनियों पर 15 फिसदी की दरों की बात हुई थी।

इसके तहत देखा गया है कि अभी तक देश में कोई नया निवेश नहीं आया है। इसका एक कारण ये हो सकता है कि इसको लागू हुए अभी कम समय हुआ है कम से कम इसके लिए छह महिने का समय जरूरी है।

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सुपर पिच सरचार्ज जो बढ़ाया गया  
वहीं आर्थिक सुधार में शेयर बाजार को देखें तो बजट में सुपर पिच सरचार्ज जो बढ़ाया गया था उसका बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ा था। बाद में सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया था लेकिन शेयर बाजार को तब तक हानि पहुंच चुकी थी। उसके बाद जो भारतीय शेयर बाजार में जो स्थिति देखने को मिल रही है उसमें देश के भीतर के घटक के बजाए वैश्विक स्थिति जिम्मेदार है।

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अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की स्थिति
वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका और चीन के बीच जो व्यापार युद्ध की स्थिति है उस कारण पूरी दुनिया के अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। देखा जाए तो भारतीय अर्थव्यवस्था के गिरने का सबसे बड़ा कारण यही है। वहीं दूसरी ओर देखें तो यूरोप, अफ्राक ,एशिया के तमाम देशों में अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ी हुई है।

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घरेलू बाजार में भी कमाई में आई कमी
भारतीय अर्थव्यवस्था के गिरने कारण ये भी है कि किसी देश के कमाई के लिए जरूरी है कि देश में बनने वाला सामान बाहर बीके तभी देश में कमाई होगी। भारत में घरेलू बाजार में भी कमाई नहीं हो रही हैं और विदेशों में भी मंदी के कारण भारतीय समान की मांग नहीं हो रही है। इसलिए अर्थिक तौर पर स्थिति और खराब होती जा रही है। 

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लोगों के पास पैसों की कमी
अर्थिक स्थिति को सुधारने और इसमें संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि निवेश और खपत दोनों समान रूप से चलता रहे। खपत बढ़ाने के लिए सरकार को आयकर में कमी करने की जरूरत है। अगर आयकर में कमी की जाए तो लोगों के हाथों में अधिक पैसा आएगा। इसके साथ ही खपत बढ़ाने के लिए लोगों के पास पैसा होना जरूरी है जो कि लोगों के पास नहीं है। 

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