Thursday, Mar 04, 2021
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Corona के कारण अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट

  • Updated on 8/31/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) कोरोना के कारण धराशायी हो चुकी है। लॉकडाउन (Lockdown) के कारण और अब अनलॉक की प्रकिया में इकॉनमी संभलने की कोशिश में लगी है लेकिन इस पर बड़ा ही गहरा असर दिखने लगा है। 

एक तरफ जहां अर्थव्यवस्था में मंदी के कारण जीडीपी औंधे मुंह जा गिरी है। तो वहीँ, जुलाई में आठ इंफ्रास्ट्रक्चर (आठ कोर) सेक्टर्स के उत्पादन में भारी गिरावट देखी गई है।  

माइनस में आई जीडीपी 
लॉकडाउन के कारण देश की जीडीपी अब तक के सबसे खराब दौर में है। जीडीपी के आंकड़ों को लेकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (Q1) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट माइनस में गई है। ये माइनस 23.9% दर्ज की गई है। भारत की जीडीपी का ये पिछले 40 सालों में सबसे बुरा स्तर है।   

जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई में भारत का राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) 8.21 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। जबकि इसी अवधि में पिछले साल यह 5.47 लाख करोड़ रुपये था। ये पहली तिमाही में कुल राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 103.1% तक पहुंच गया है।

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आठ सेक्टर पर पड़ा बड़ा असर 
वहीँ, सरकारी आंकड़ों की माने तो जुलाई महीने में देश के आठ मुख्य क्षेत्रों के उत्पादन में 9.6% की गिरावट रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक स्टील, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स और सीमेंट सेक्टर के उत्पादन में गिरावट आई है। आठ सेक्टर में 7 सेक्टर के उत्पादन में गिरावट देखने को मिल रही है। जबकि अप्रैल-जुलाई 2020-21 में यह गिरावट का आंकड़ा 20.5 % का रहा है।  

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औद्योगिक रफ्तार संकट में
सोमवार को जारी किए गए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2019 में आठ कोर सेक्टर्स के उत्पादन में 2.6 % की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस क्षेत्रों में देखें तो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में उर्वरक, कोयला, क्रूड ऑयल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल है।

वहीँ, अगर मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर नज़र डाले तो जुलाई में उर्वरक को छोड़कर सभी सात सेक्टर्स जिनमें कोयला, क्रूड ऑयल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, स्टील, सीमेंट और बिजली में गिरावट देखने को मिली है।

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कोरोना का असर
वहीँ अगर एक-एक सेक्टर की अलग-अलग बात करें तो जुलाई महीने में प्राकृतिक गैस में 10.2 %, सीमेंट में 5.7 %, स्टील में 16.5 %, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स में 13.9 %, सीमेंट में 13.5 %, कोयला में  4.9 % और बिजली सेक्टर में 2.3 फीसद की गिरावट आई है जबकि इनमें से सिर्फ उर्वरक सेक्टर के उत्पादन में 6.9 % की ग्रोथ हुई है।

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