Thursday, May 23, 2019

भारत को अगले पांच वर्ष में अपनी सुधार प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए: अरविंद पनगढ़िया

  • Updated on 4/21/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) ने जोर देकर कहा है कि भारत में सुधार की प्रक्रिया आने वाले पांच वर्ष में निश्चित रूप से पूरी हो जानी चाहिए। इसके साथ उन्होंने कहा कि भारत (INDIA) को श्रम आधारित क्षेत्र की वृद्धि पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि बड़ी संख्या में लोगों की अच्छी नौकरियां (JOB) मिल सके।    

जेट यात्रियों को एयर इंडिया का सहारा, वापस मिलेगा किराया

उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के बारे में भी‘ गंभीरता से सोचने’की वकालत की है। जनवरी, 2015 से अगस्त, 2017 तक नीति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके पनगढिय़ा ने भारत में हो रहे आम चुनावों (LOKSABHA ELECTION) के बाद सरकार के लिए आवश्यक प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही।  

योगी का कांग्रेस पर जोरदार हमला, कहा- देश की आंखों में धूल झोंक रहे हैं ‘राउल विंसी’

कोलंबिया विश्वविद्यालय में भारतीय आर्थिक नीतियों (Indian economic policie) से जुड़े एक केंद्र के निदेशक पनगढ़िया ने कहा,‘‘मेरा निजी विचार है कि भारत को आगामी पांच वर्ष में अपनी सुधार प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।‘‘ पनगढ़िया ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत को वस्त्र, जूता-चप्पल, फर्नीचर, रसोई से जुड़े सामान एवं ऐसे अन्य क्षेत्रों की प्रगति पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जिसमें श्रम की आवश्यकता अधिक होती है।

युवाओं के सपनों के लिए अपने सपनों की आहुति देने को तैयार हूं- मोदी  

उन्होंने कहा,‘‘हमें इन क्षेत्रों में वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कंपनियों की जरूरत है जो उस निर्यात बाजार पर दब-दबा कायम कर सकें, जिससे चीन अधिक मेहनताने के कारण बाहर निकल रहा है...‘‘ अर्थशास्त्री ने बल देकर कहा कि यह ऐसा समय हैं, जब हमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।‘ 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.