Saturday, Jul 31, 2021
-->
indian-delta-variant-became-a-big-threat-to-the-world-kmbsnt

दुनिया के लिए बड़ा खतरा बना भारतीय डेल्टा वैरिएंट, जानें इस पर कितनी प्रभावी है वैक्सीन

  • Updated on 6/23/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत की दूसरी बड़ी कोविड लहर का कारण बने डेल्टा वैरीएंट में एक और म्यूटेशन हुआ है, जो वैक्सीन और कोविड इम्यूनिटी को चकमा देने में इसकी मदद कर सकता है।

सबसे ज्यादा इस वैरीअंट के कारण ब्रिटेन परेशान है। जहां पर यह वैरीएंट कहर बरपा रहा है। इसी वैरीएंट के कारण आयरलैंड, फ्रांस और जर्मनी ने ब्रिटेन के यात्रियों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। डरावने म्यूटेशन हमेशा अधिक चिंताजनक वायरस में तब्दील नहीं होते हैं, उदाहरण के लिए पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया वैरीअंट बीटा यह सभी टीकों की प्रभाव कारिता को कम करता है, लेकिन अल्फा (यू.के वैरिएंट) की तरह दुनिया में नहीं फैल पाया।

दरअसल बी.1.6 17.1 वैरीअंट में पहले से ही वैक्सीन से बचने के लिए '484 क्यू' म्यूटेशन है। फिर भी डेल्टा इसके बिना एक बेहतर स्प्रेडर बन गया है। डेल्टा भारत का प्रमुख स्ट्रेन है।

उपहार अग्निकांड: पुलिस ने कोर्ट को बताया - सुशील अंसल ने फर्जीवाड़ा किया

ब्रिटेन में 91 फीसदी नए मामले डेल्टा वैरिएंट के कारण 
ब्रिटेन में 91 फीसदी नए मामले इसके कारण आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि अमेरिका में हर 2 हफ्ते में इसके मामले दोगुने हो रहे हैं और यह पूरी दुनिया में दस्तक देने जा रहा है। इंपीरियल कॉलेज लंदन के एपिडोलॉजिस्ट नील फर्ग्यूसन ने न्यूयार्क मैगजीन को बताया कि डेल्टा अब तक सबसे बेस्ट स्प्रेडर है। अल्फा भी एक सुपर स्प्रेडर था लेकिन डेल्टा इससे 60 फीसदी अधिक संक्रामक हो सकता है।

दिल्ली: स्कूल निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए सिसोदिया के 'ताबड़तोड़' निरीक्षण

डेल्टा पर कितनी प्रभावी है वैक्सीन 
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के अनुसार डेल्टा अल्फा की तुलना में कम से कम  60 फीसदी अधिक संक्रामक है। डेल्टा की हाई ट्रांसमिसिबिलिटी '452आर' और '478के' म्यूटेशन के कारण है। दोनों इसे मानव कोशिकाओं से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करते हैं और संभवतः प्रतिरक्षा को चकमा देते हैं, जबकि वैक्सीन के 2 डोज अभी भी इसके खिलाफ अच्छी तरह से काम करते हैं। यूके के डाटा से पता चलता है कि एक शॉट अल्फा के खिलाफ 51 फीसदी की तुलना में डेल्टा के खिलाफ 33 फीसदी सुरक्षा देती है, इसीलिए आंशिक रूप से टीका लगाए गए लोगों को अब संक्रमण का अधिक खतरा है। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.