Saturday, Dec 04, 2021
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वृद्धि की राह पर लौटी भारतीय अर्थव्यवस्था, विकास दर में 0.4 फीसदी बढ़त

  • Updated on 2/27/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) वृद्धि के रास्ते पर आ गई है। कृषि, सेवा और निर्माण क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन के कारण चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही अक्तूबर-दिसम्बर में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे पहले, कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) और उसकी वास्तविक आधार पर (2011-12 के मूल्य) पर प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 85,929 रुपये रहने का अनुमान है जो 2019-20 में 94,566 रुपये थी। यह 9.1 प्रतिशत की गिरावट को बताता है जबकि इससे पूर्व वित्त वर्ष में इसमें 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 

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कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि तीसरी तिमाही की जीडीपी के आंकड़े से यह एक बार फिर साबित हो गया है कि देश की अर्थव्यवस्था खस्ताहाल है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ङ्क्षचता की वजह समूचे वित्र्त के लिए जीडीपी का अनुमान भी है। उन्होंने कहा, ‘इसका सीधा मतलब है कि आरबीआई या सीएसओ ने जो अनुमान लगाया है, अर्थव्यवस्था उससे भी बदतर प्रदर्शन करेगी।

आगे अर्थव्यवस्था के सिकुडऩे का मतलब होगा कि कम निवेश और कम रोजगार का सृजन।’ कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह उल्लेख करना जरूरी है कि पहली तिमाही की जीडीपी को भी संशोधित कर -24.4 प्रतिशत कर दिया गया है जो कि पहले -23.9 प्रतिशत था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की गलत योजना और बेतरतीब तरीके से लॉकडाउन लगाने के कारण अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगा, जो कि पहले ही नोटबंदी और जीएसटी की वजह से दिक्कतें झेल रही थी।

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सेंसेक्स ने लगाया 1,939.32 अंक का गोता
वैश्विक बाजारं में गिरावट के बीच बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को करीब 1,940 अंक लुढ़क गया। यह 10 महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। एनएसई निफ्टी भी 568 अंक से अधिक का गोता लगाकर 15,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। इस गिरावट के साथ निवेशकों को 5.3 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी। 

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भारत बंद का समर्थन लेकिन कारोबार बंद रखने से परहेज
नई दिल्ली: व्यापारिक संघों के आह्वान पर शुक्रवार को आहूत भारत व्यापार बंद के दौरान राजधानी में ज्यादातर बाजार खुले रहे। व्यापारियों का कहना था कि वह भारत बंद के मकसद का समर्थन करते हैं लेकिन वह कारोबार बंद रखकर नुकसान नहीं उठाना चाहते हैं। पंजाब और हरियाणा में भी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में रोजना की तरह कामकाम हुआ। 

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