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indian economy may decline by 10 5 percent in current financial year djsgnt

चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में आ सकती है 11.8 प्रतिशत की गिरावट, IRRPL ने जताई आशंका

  • Updated on 9/8/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 10.5 प्रतिशत की भारी गिरावट का अनुमान लगाया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट के सबसे ऊंचे आंकड़ों में से है।

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अर्थव्यवस्था में आई गिरावट की वजह लॉकडाउन है
कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में सख्त लॉकडाउन (Lockdown) लगाया गया था। इसे अर्थव्यवस्था में गिरावट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की तीसरी यानी अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में जीडीपी में सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि, इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार सुस्त और असमान रहेगी।’      

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5 प्रतिशत का अनुमान बढ़ाया गया है
फिच ने कहा, ‘हमने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अपने अनुमान को संशोधित कर -10.5 प्रतिशत कर दिया है। जून में जारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था में गिरावट के अनुमान को पांच प्रतिशत बढ़ाया गया है।’ फिच ने इससे पहले चालू वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में पांच प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया था।

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11.8 प्रतिशत की गिरावट आएगी
घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11.8 प्रतिशत की भारी गिरावट आएगी। इंडिया रेटिंग्स ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के अपने अनुमान को संशोधित कर -11.8 प्रतिशत कर दिया है। पहले उसने भारतीय अर्थव्यवस्था में 5.3 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया था।      

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इतिहास में सबसे कमजोर आंकड़ा है
हालांकि, रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था 9.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। हालांकि, इसकी मुख्य वजह पिछले वित्त वर्ष का कमजोर आधार प्रभाव होगा। रेटिंग एजेंसी ने रिपोर्ट में कहा, ‘इंडिया रेटिंग्स का जीडीपी में 11.8 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान देश के इतिहास में अर्थव्यवस्था का सबसे कमजोर आंकड़ा होगा। देश में जीडीपी के आंकड़े 1950-51 से उपलब्ध हैं।’    

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देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह छठा मौका होगा जब देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी। इससे पहले वित्त वर्ष 1957-58, 1965-66, 1966-67, 1972-73 और 1979-80 में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी। इससे पहले अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट वित्त वर्ष 1979-80 में दर्ज हुई थी। उस समय अर्थव्यवस्था 5.2 प्रतिशत नीचे आई थी। एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.9 प्रतिशत की गिरावट, तिमाही जीडीपी आंकड़ों की श्रृंखला में पहली गिरावट है। यह श्रृंखला वित्त वर्ष 1997-98 की पहली तिमाही से उपलब्ध है।

 

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