भारतीय रेलवे ने हजारों ड्राइवरों एवं गार्ड को दिया बड़ा तोहफा

  • Updated on 1/17/2019

नई दिल्ली/ब्यूरो। भारतीय रेलवे ने एक लाख से अधिक लोको पॉयलेट, सहायक लोको पॉयलेट व गार्ड (रनिंग स्टाफ) को नये साल का बड़ा तोहफा दिया है। इन रेलवे कर्मचारियों को रनिंग अलाउंस की सौगात मिलने जा रही है। रेलवे बोर्ड ने डेढ़ साल की जद्दोजहद के बाद रनिंग स्टाफ का अलाउंस दो गुना कर दिया है। इससे ट्रेनों-मालगाडिय़ों के लोको पॉयलेट व गार्ड का वेतन 10 से 20 हजार रुपये बढ़ जाएगा। हालांकि इस फैसले से रेलवे पर वित्तीय बोझ भी पड़ेगा।

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ड्राइवर -गार्ड का रनिंग अलाउंस हुआ दो गुना
सूत्रों के मुताबिक बोर्ड ने ड्राइवर-गार्ड का रनिंग अलाउंस 255 रुपये (प्रति 100 किलोमीटर) से बढ़ाकर 525 रुपये कर दिया है। रेलवे के विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों को 178 तरह से अलाउंस जुलाई 2017 में दे दिया गया था। लेकिन रनिंग स्टाफ को लेकर रेल यूनियन (रनिंग स्टाफ) व रेलवे बोर्ड में खींचतान चल रही थी।

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2016 में अलाउंसेस कमेटी की सिफारिश पर जून 2018 में रेलवे बोर्ड ने रनिंग अलाउंस को दोगुना करने का आदेश दे दिया। अधिकारी ने बताया कि जनवरी माह में रेलवे बोर्ड के उक्त फैसले पर वित्त मंत्रालय की मुहर लग जाएगी। इसके बाद ड्राइवर-गार्ड को बढ़े हुए अलाउंस मिलने शुरू हो जाएगा। इसमें मेल-एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी, सुपर फास्ट टे्रनों व मालगाड़ी के लोको पॉयलेट व गार्ड को प्रत्येक 100 किलोमीटर चलने पर 525 रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे।

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एक लाख से अधिक कर्मियों को होगा फायदा
सूत्रों के मुताबिक इस फैसले से रेलवे पर सालाना 2400 करोड़ से अधिक वित्तीय बोझ पड़ेगा। जबकि रेलवे का अप्रैल 2018 से लगतार ऑपरेटिंग रेशियो 100 से 117 फीसदी चल रहा है। यानी रेलवे 100 रुपये कमाने पर 117 रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में 2400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पडऩे से रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 2.5 फीसदी तक बढ़ जाएगा। लेकिन चुनावी साल होने के कारण सरकार कर्मचारियों की नाराजगी मोल नही लेना चाहेगी।

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सूत्रों की माने तो एक वरिष्ठ लोको पॉयलेट रनिंग अलाउंस सहित हर महीने 1.10 लाख से 1.40 लाख वेतन बनता है। जबकि शुरूआत में सहायक लोको पॉयलेट कम से कम 30,000 से अधिक वेतन पाता है। सहायक लोको पॉयलेट की शैक्षिक योग्यता 10 वीं व आईटीआई मात्र है। 

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