Thursday, Feb 27, 2020
indian railways to run 1500 new trains in 5 years private companies will involve

भारतीय रेलवे 5 साल में चलाएगा 1500 नई ट्रेन, प्राइवेट कंपनियों का लेगा सहयोग

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारतीय रेलवे (Indian Railway) यात्रियों को आन डिमांड कंफर्म टिकट देने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके लिए करीब 5 साल और लगेंगे। इसके बाद यात्रियों को हर दिशा के लिए तुरंत कंफर्म सीट उपलब्ध होगी। इसके लिए रेलवे करीब 1500 नई यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। इसमें करीब 150 रेलगाड़ी प्राईवेट आपरेटरों को दिया जाएगा।  इसके लिए भारतीय रेलवे ने समय सीमा भी निर्धारित कर दी है। 1500 नई ट्रेन चलाने के लिए रेल लाइनों का दोहरीकरण, तीसरी लाइन, विद्युतीकरण, अमान परिवर्तन एवं नई लाइन बिछाना आदि क्षमता संवद्र्धन का काम मार्च 2024 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद देश में कम से कम डेढ़ हजार नयी ट्रेनें चलायी जाएंगी। 

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150 रेलगाडिय़ों को प्राईवेट कंपनियां चलाएंगी 
वर्तमान में इस समय करीब 13 हजार यात्री ट्रेनें और लगभग नौ हजार मालगाडिय़ां चलायीं जातीं हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव की माने तो रेलवे ने अपने नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से 2014 से सालाना पूंजीगत निवेश को लगभग तीन गुना कर दिया है। नेटवर्क में कन्जेशन वाले 58 सुपर क्रिटिकल परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया गया है जिनमें से आठ पर काम पूरा हो चुका है। बाकी 50 पर दो मार्च 2022 तक काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि देश का 60 प्रतिशत रेल यातायात इन्हीं खंडों पर चलता है।

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2024 के बाद आनडिमांड मिलेगा कंफर्म टिकट 
पत्रकारों से बातची करते हुए यादव ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने रणनीतिक रूप से 89 प्रतिशत राशि उन परियोजनाओं के लिए दिया जो दो साल में पूरा हो जाएंगे। इसके अलावा 3800 करोड़ रुपए जम्मू कश्मीर एवं पूर्वोत्तर में राष्ट्रीय महत्व की कुल चार रेल परियोजनाओं के लिए दी गयी है। इस प्रकार से 51359 करोड़ रुपए दिये गये हैं। लगभग 11 प्रतिशत राशि नयी परियोजनाओं के लिए दी गयी है जिससे उनके क्रियान्वयन के पहले की मंजूरियां, भूमि अधिग्रहण आदि औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड का मानना है कि औपचारिकताएं एवं आवश्यक तैयारी के बाद लाइन बिछाने का काम शुरू हो जो दो से तीन साल में पूरा हो जाए।

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उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में कटरा से बानिहाल तक का 111 किलोमीटर का खंड जून 2022 तक बन कर तैयार हो जाएगा जिसमें 97 किलोमीटर लंबी सुरंगें और 66 किलोमीटर की एस्केप सुरंगें होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से 2019 के बीच 13 हजार 124 किलोमीटर दोहरीकरण-तिहरीकरण, नई लाइन, अमान परिवर्तन का काम किया है। इस समय 9.85 किलोमीटर पटरी प्रतिदिन डाली जा रही है। इस दौरान 115 परियोजनाएं पूरी हो गयीं हैं जिन पर 71 हजार 712 करोड़ रुपए की लागत आयी है। मार्च 2023 तक देश भर में अमान परिवर्तन के सारी परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। हालांकि कुछ विरासत वाली लाइनों को बरकरार रखा जाएगा।

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मार्च 2024 तक रेलवे ट्रैक होगा चकाचक
दोहरीकरण, तिहरीकरण एवं चौथीलाइन बनाने के काम मार्च 2024 तक पूरे हो जाएंगे। इस प्रकार से देश के रेलवे नेटवर्क की क्षमता इतनी बढ़ जाएगी कि करीब डेढ़ हजार ट्रेनें और चलायीं जा सकें। निजी ऑपरेटरों को प्रीमियम श्रेणी की ट्रेनें चलाने को लेकर आलोचनाओं का जवाब देते हुए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि 1500 नयी ट्रेनों में केवल 150 ट्रेनों को निजी ऑपरेटरों को देने का फैसला कहीं से भी अतार्किक नहीं है। बाकी गाडिय़ां और वर्तमान में चलने वाली राजधानी, दूरंतो, शताब्दी, आदि गाडिय़ों को निजी हाथों में कतई नहीं दिया जा रहा है।

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