INDIAN Railways will get a single window clearance system

रेलवे के लिए बनेगा सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, CM ने की रेल लाइन कार्यों की समीक्षा

  • Updated on 10/10/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण की सभी तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए सभी संबंधित जिलों में सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही निर्माण सामग्री के परिवहन के लिए कमजोर व क्षतिग्रस्त सड़क पुलों को जल्द दुरुस्त किया जोगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए हैं। 

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सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को कैम्प कार्यालय में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी, चमोली, टिहरी  और रुद्रप्रयाग को रेलवे के साथ समन्वय बनाकर हर प्रकार की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।

उन्होंने रेल लाइन से सम्बन्धित भूमि और मकान क्षतिपूर्ति व अन्य मामलों का निपटान के काम को भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। इसके लिए उन्होंने परियोजना से सम्बन्धित प्रत्येक जिले में सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम स्थापित करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने लोनिवि को ब्यासी-नरकोटा रोड पुल निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे रेलवे को भारी मशीनों के आवागमन हेतु काफी सहायता मिलेगी। 

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भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा

रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि फाइनल लोकेशन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण के मुआवजे का वितरण कार्य चल रहा है।

इसके लिए निर्गत 804.28 करोड़ रुपये के सापेक्ष 623.92 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं। वीरभद्र व नया ऋषिकेश के मध्य परियोजना के पहले ब्लॉक का कार्य अवार्ड किया जा चुका है और फरवरी 2020 तक इसे पूरा किया जाना सम्भावित है। परियोजना के तहत 16 टनल के कार्य को 9 पैकेज में बांटा गया है।

इसी प्रकार लछमोली व श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर आरओबी का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम 2019-20, न्यू ऋषिकेश-देवप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2023-24 और देवप्रयाग-कर्णप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024-25 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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चारधाम रेल मार्ग शीघ्र

रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, श्री केदारनाथ व श्री बद्रीनाथ को रेलवे सेवा से जोड़ने के लिए लगभग 327 किलोमीटर की कुल लम्बाई की 4 रेलवे लाइन अलाईनमेंट पर कार्य किया जाएगा।

इनमें अलाईनमेंट-1 में उत्तरकाशी- बड़कोट, अलाईनमेंट-2 में डोईवाला-मनेरी, अलाईनमेंट-3 में कर्णप्रयाग-सोनप्रयाग व अलाइनमेंट-4 में साईकोट-जोशीमठ रेलवे लाइन का निर्माण प्रस्तावित है। इस रेल प्रोजेक्ट में कुल 21 रेलवे स्टेशन व 61 टनल बनायी जाएंगी। बताया गया कि चारधाम रेल प्रोजेक्ट का जियो मैपिंग, हाईड्रोलॉजीकल स्टडी, ड्रॉन सर्वे व एनवायरमेंटल डेस्कटॉप स्टडी की जा चुकी है। इसका फाईनल लोकेशन सर्वे जनवरी 2020 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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