Monday, Nov 29, 2021
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Infrastructure spending PLI projects to pick up pace in next financial year PRSHNT

बुनियादी ढांचा खर्च, PLI परियोजनाओं से अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था पकड़ेगी रफ्तार

  • Updated on 3/10/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बुनियादी ढांचा खर्च तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) परियोजनाओं से अगले वित्त वर्ष 2021-22 में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। क्रिसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) की वृद्धि दो हिस्सों में होगी। पहली छमाही में पिछले साल के निचले आधार प्रभाव की वजह से वृद्धि दर बढ़ेगी, जबकि दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर खर्च तथा पी.एल.आई. परियोजनाओं से निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे अंतत: वृद्धि दर बढ़ेगी। क्रिसिल का अनुमान है कि 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहेगी। वहीं, चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 8 प्रतिशत की गिरावट आएगी।

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वृद्धि दर का अनुमान निवेश चक्र शुरू होने पर निर्भर
एजैंसी का कहना है कि अगले वित्त वर्ष में 4 सकारात्मक चीजें होंगी, जिससे अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। लोग महामारी के बाद नए ‘सामान्य’ के साथ रहना सीख जाएंगे, कोरोना वायरस संक्रमण की दर स्थिर होगी, अधिक लोगों को टीका लगाया जाएगा और सरकार का खर्च निवेश केंद्रित रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है, हमारा मध्यम अवधि की वृद्धि दर का अनुमान निवेश चक्र शुरू होने पर निर्भर करेगा।

 

दूसरी छमाही में आॢथक गतिविधियां अधिक तेजी से आगे बढ़ेंगी
क्रिसिल की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सी.ई.ओ.) आशु सुयश ने कहा, शुरूआती संकेतक सकारात्मक हैं। राष्ट्रीय संरचना पाइपलाइन के लिए सरकार के खर्च से मदद मिल रही है। इसके अलावा मांग आधारित पूंजीगत खर्च तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना से भी वृद्धि को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सुयश ने कहा कि पहली और दूसरी छमाही में वृद्धि की रफ्तार भिन्न रहेगी। पहली छमाही में वृद्धि पिछले साल के निचले आधार प्रभाव की वजह से होगी। वहीं दूसरी छमाही में वृद्धि अधिक व्यापक होगी। उन्होंने कहा कि दूसरी छमाही में आॢथक गतिविधियां अधिक तेजी से आगे बढ़ेंगी। इसके अलावा व्यापक स्तर पर टीकाकरण तथा मजबूत वैश्विक वृद्धि से भी इसमें मदद मिलेगी। 

 

 2021 में जीएसटी कलेक्शन 1.13 करोड़ पहुंचा
मंदी से बाहर निकल रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और अच्छी खबर है। लगातार 5वें महीने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) कलैक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार रहा और महामारी के बाद लगातार तीसरी बार 1.1 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया, जो अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत है। बता दें पिछले कुछ महीनों में लगातार अर्थव्यवस्था में सुधार देखा गया है, जो कि कोरोना के बाद बहुत नीचे चला गया था।    

वित्त मंत्रालय के अनुसार फरवरी 2021 में जी.एस.टी. कलैक्शन 1.13 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले 5 महीनों में जी.एस.टी. कलैक्शन फरवरी महीने में पिछले साल से 7 प्रतिशत ज्यादा है। 

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