Wednesday, Apr 08, 2020
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शाहीन बाग: प्रदर्शनकारियों ने खोला एक रास्ता, जा सकती हैं बाइक-कार

  • Updated on 2/22/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में 70 दिन से बैठे प्रदशर्नकारियों से आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा नियुक्त वार्ताकार बात करने पहुंचे थे। पिछले तीन दिनों से वार्ताकार लगातार प्रदर्शनकारियों से बात करने और रास्ता खुलवाने का प्रयास करने के लिए जा रहे हैं। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आज एक रास्ता खोल दिया है। जिसके जरिए लोग अपनी बाइक और कार निकाली जा सकती है। इस रास्ते के जरिए नोएडा और फरीदाबाद जाया जा सकता है।

शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समस्या का हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन वार्ताकारों को नियुक्त किया है। कोर्ट ने अधिवक्ता संजय हेंगड़े, साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीबुल्लाह को वार्ताकार नियुक्त किया है। इससे पहले शुक्रवार को नोएडा-फरीदाबाद रोड (Noida-Faridabad Road) को 69 दिन के बाद खोला गया था। कुछ देर खुलने के बाद इसे फिर से बंद कर दिया गया। शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ 69 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलेत  ये रास्ता बंद किया गया था। 

शाहीन बाग: तीन दिनों की मुलाकात के बाद भी वार्ताकार नहीं खोल पाए रास्ता

बेनतीजा रहे पहले तीन प्रयास वार्ता
प्रदर्शनकारियों के साथ पहली तीन वार्ता बेनतीजा रही। रोड खोलने को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि वह सीएए वापस लेने व एनपीआर लागू नहीं करने की अपनी मांगे माने जाने के बाद ही सड़क से हटेंगे। शीर्ष न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को है। अभी वर्ताकारों के बाद अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय है। ऐसे में आज 20 फरवरी को एक बार फिर वार्ताकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने जाएंगे।

शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से क्यों निराश हैं वार्ताकार?

'संविधान में हम सबका हक है'
वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से सवाल पूछते हुए कहा कि आप मानते हैं कि हम सब नागरिक हैं और क्या आप मानते हैं कि संविधान में हम सबका हक है। हल भी हम सबको मिलकर निकालना चाहिए। क्या यह रास्ता खुलना नहीं चाहिए। आपकी आवाज भी बुलंद और बरकरार रहनी चाहिए। एक छोटा सा हल हमें निकालना है कि रोड भी खुल जाए और लोग इस्तेमाल करें। उसके बाद प्रदर्शनकारियों की तरफ से जोरदार ना की आवाज आते हुए बोला कि रोड तो तब तक नहीं खुलेगी जब तक सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर सरकार पीछे नहीं हटती है।

सरकार की मंशा शाहीन बाग आंदोलन समाप्त करने की नहीं- संजय सिंह

पुलिस निकाल सकती है समाधान?
साधना रामचंद्रन ने कहा कि अगर पुलिस के द्वारा बंद रास्ते खुल जाएगा तो क्या रास्ते की दिक्कतें खत्म हो जाएगी? तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस द्वारा बंद रास्ते खुल जाए तो रास्ते का समाधान निकाल जाएगा। 2 घंटे बिताए 
बातचीत करने के बाद संजय हेगड़े ने कहा कि वह सबकी बात सुनकर बहुत प्रभावित हुए हैं। हम लोग बातचीत से इस मसले का हल जरूर निकाल लेंगे। करीब 2 घंटे प्रदर्शनस्थल पर बिताने के बाद मध्यस्थता पैनल शाम 5 बजे वापस लौट गया।

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