Saturday, Apr 17, 2021
-->
internal-discord-in-the-congress-did-not-stop-djsgnt

नहीं थम रहा कांग्रेस में आंतरिक कलह, सिब्बल के बाद इस कद्दावर नेता ने उठाया पार्टी पर सवाल

  • Updated on 11/20/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बिहार चुनाव (Bihar Election) और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए उपचुनाव करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस में अंदरूनी कलह शांत होती हुई नजर नहीं आ रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) के बाद अब झारखंड कांग्रेस के बड़े नेता सुबोधकांत सहाय ने पार्टी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ट्रांजिशन पीरियड से गुजर रही है। नट-बोल्ट टाइट करने की जरूरत है। संगठन का मामला ढीला चल रहा है।

चुनाव आयोग ने किया पासवान के निधन से रिक्त राज्यसभा सीट के उपचुनाव का ऐलान

खड़गे ने विरोध करने वाले लोगों पर उठाए सवाल
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार विधानसभा में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे नेताओं पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ये लोग भीतर से पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को सहयोग देने की जरूरत पर जोर देते हुए कांग्रेस नेता खडग़े ने यह भी कहा, ‘हमें एकजुट होकर लडऩा पड़ेगा। मुझे दुख हुआ है कि कुछ नेताओं ने पार्टी और नेतृत्व के खिलाफ बात की है।’ 

किसानों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में उतरी ट्रेड यूनियंस, राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान

'कांग्रेस की हार को नियति मान लिया है'
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा और आरएसएस हैं और दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग हैं जो भीतर से ही कांग्रेस की जड़े खोद रहे हैं। खड़गे का यह बयान उस वक्त आया है जब बिहार चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा था कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस की हार को नियति मान लिया गया है।   

 

comments

.
.
.
.
.