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INTERVIEW 1 : फैमिली First की नहीं, इंडिया First की सरकार चाहते हैं लोग- नरेंद्र मोदी

  • Updated on 5/17/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकतंत्र के महाउत्सव का आखिरी चरण चल रहा है। 7वें चरण के तहत 8 राज्यों के 59 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। अब तक कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कोहिमा तक हर कोने में चुनाव प्रचार कर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी और भारतीय जनता पार्टी की भावी योजनाओं संबंधी पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स/ जग बाणी/हिंद समाचार के नैशनल ब्यूरो से खास बातचीत की।

इस चुनाव का नैरेटिव क्या है?
कांग्रेस और महामिलावट का नैरेटिव है ‘हुआ तो हुआ’,लेकिन हमारा नेरैटिव है ‘अब बहुत हुआ’। कांग्रेस समेत पूरी विपक्षी मानसिकता का  नैरेटिव है ‘सब चलता है’,लेकिन हमारा नैरेटिव है ‘नामुमकिन अब मुमकिन है’। इसलिए, इस चुनाव का मुख्य नैरेटिव देश के वर्तमान एवं  भविष्य, दोनों को बदल सकने वाला विकास है, तेज गति से विकास और हर किसी के जीवन को छूने वाला विकास।हमारी योजनाओं पर नजर डालेंगे तो हमारा नैरेटिव स्पष्ट दिखाई देता है। 
गरीबों के लिए जन-धन योजना से करोड़ों बैंक अकाऊंट, पी.एम. आवास योजना से उनके लिए डेढ़ करोड़ घर, हर घर में बिजली पहुंचाने की सौभाग्य योजना, 50 करोड़ गरीबों को 5 लाख तक मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत। महिलाओं के लिए 7 करोड़ मुफ्त गैस कनैक्शन उज्ज्वला योजना से, संपूर्ण टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना, मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं और बच्चों के लिए पोषण, इसके अलावा भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई योजनाएं।फिर बीज से बाजार तक सुधार, 19 करोड़ सॉयल हैल्थ कार्ड, सिंचाई की व्यवस्था, डेढ़ गुना एम.एस.पी., पी.एम. किसान सम्मान निधि से किसानों को आर्थिक सहायता।
युवाओं को स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा योजना से जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाना, स्किल इंडिया के माध्यम से हुनर को बढ़ाना, मिडिल क्लास के लिए 5 लाख रुपए तक की सालाना आय पर टैक्स रिलीफ, रेरा, स्टैंट और नी इम्प्लांट्स की कीमतों में कमी।
ऐसे हर वर्ग के लिए जो अभूतपूर्व काम हुए हैं, मैं गिनाते ही जा सकता हूं। तो कहने का तात्पर्य यह है कि जिन्हें देश में साइडलाइन कर दिया गया था,  हमने उनको विकास की मुख्यधारा में ला दिया। इन्ही कामों ने तो नैरेटिव सैट किया है हमारे लिए। लोगों को विश्वास है कि अगले पांच साल इसी तरह, और इससे भी तेज गति से हमारे भविष्य को संवारा जाएगा।

इस चुनाव में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और केरल में भाजपा का ज्यादा जोर दिखा, क्या रिजल्ट रहेगा?
अगर आपको याद हो तो पहले भाजपा को लेकर कितने भ्रम विपक्षियों ने फैलाए थे कि भाजपा तो किसी एक वर्ग मात्र की पार्टी है, किसी एक क्षेत्र की पार्टी है इत्यादि-इत्यादि लेकिन अब कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, कच्छ से कोहिमा तक, देश के हर हिस्से में भाजपा जनता का आशीर्वाद प्राप्त कर चुकी है और आगे भी करेगी। ओडिशा, बंगाल, केरल तीनों राज्यों में लोग भाजपा को आशा भरी दृष्टि से देख रहे हैं। केरल की बात करें तो केरल यू.डी.एफ.-एल.डी.एफ. के बीच में फंसकर विकास में पिछड़ा है। यू.डी.एफ. भ्रष्टाचार में लिप्त है तो एल.डी.एफ. राजनीतिक हिंसा में व्यस्त है, दोनों को प्रदेश की जनता से कोई सरोकार नहीं। 
पश्चिम बंगाल में स्थिति अराजक है। जो लोग नारा लगाते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है वो जरा बंगाल में घूमकर देख लें तो पता चल जाएगा कि लोकतंत्र पर असली खतरा होता क्या है। एक नारा बोलने पर आपको जेल भेज दिया जाता है, अगर आप भाजपा के कार्यकत्र्ता हैं तो कभी भी आप पर हमला हो सकता है। अब तो मीडिया पर भी हमले होने लग गए। ओडिशा का भी हाल बुरा है। भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, विकास की रफ्तार पर लगभग ब्रेक लग चुका है। इन राज्यों में जनता इनके कारनामों से थक चुकी है।
इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी के इस युग में किसी से कुछ छिपता नहीं है, लोगों ने केंद्र और दूसरे राज्यों में हमारी सरकारों को देखा है, भाजपा के गवर्नैंस मॉडल को पसंद किया है, सराहा है। ऐसे में केरल, बंगाल और ओडिशा की जनता चाहती है कि भाजपा वहां पर आए।

हमारे पाठकों के लिए जानना जरूरी है कि अगर पंजाब आप को समर्थन देता है तो पंजाब के लिए आप का क्या विजन है ?
पंजाब में 5 पवित्र नदियां बहती हैं। इसी पंजाब में हम विकास की पंचधारा भी बहाना चाहते हैं ये विकास की पंचधारा क्या है? आपने सुना होगा - बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन को सुनवाई। पंजाब जाना जाता है अपने मेहनतकश किसान, वीर जवान और तेजस्वी युवाओं के लिए। इन तीनों के लिए हमारे पास विशेष विजन है।
हम सब जानते हैं कि देश के पहले ग्रीन रिवॉल्यूशन का केंद्र पंजाब था। उस ग्रीन रिवॉल्यूशन के कारण ही देश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा। अब हम दूसरे ग्रीन रिवॉल्यूशन की तैयारी कर रहे हैं और मैं आपको यह बताता हूं कि यह रिवॉल्यूशन भी पंजाब से ही शुरू होगा। हम इसी विजन के तहत पंजाब में कोल्ड चेन की स्थापना कर रहे हैं। मैगाफूड पार्क लगा रहे हैं, छोटे-बड़े उद्योग स्थापित कर रहे हैं। पंजाब में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रहे हैं। हमने एग्री-रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए 25 लाख करोड़ का निवेश का प्लान बनाया है, इससे कृषि-प्रधान पंजाब को बहुत लाभ मिलने वाला है। पंजाब का किसान तो पूरे देश का अन्नदाता है लेकिन कांग्रेस ने उसको धोखा दिया है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों के लिए कई वायदे किए जिनमें कृषि लोन माफ करना भी था। कांग्रेस ने लोन माफी के नाम पर जो ढोंग किया है इससे पंजाब का किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है लेकिन हम पंजाब के किसानों के साथ खड़े हैं और उनके सशक्तिकरण का काम करेंगे।
हमारे जवानों को हम न सिर्फ बुलेट प्रूफ जैकेट और आधुनिक शस्त्र दे रहे हैं बल्कि उनका मोराल भी ऊंचा कर रहे है। दशकों से लंबित ओ.आर.ओ.पी. की मांग को भी हमने पूरा किया है।
हम सब जानते हैं कि पंजाब के युवा बहुत ही मेहनती हैं। रिस्क लेना और बिजनैस खड़ा करना तो पंजाबियों के स्वभाव में है। उन्होंने पूरी दुनिया में खुद को साबित किया है। यहां हम उनके लिए कई योजनाएं लेकर आए हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसे प्रोग्राम के जरिए उनकी उद्यमशीलता को उभारने और उन्हें स्टार्टअप योजना के तहत 50 लाख रुपए तक का लोन बिना किसी कोलेटरल के देना हमारे विजन का ही हिस्सा है।

पंजाब और हरियाणा को लेकर अपनी समस्याएं हैं। पंजाब में एक तरफ खालिस्तानी कभी - कभी मुंह उठाते दिखते हैं, खास तौर पर विदेशों की धरती पर शह मिलने पर। ऐसे में केंद्र सरकार की क्या योजना है?
भारत विरोधी गतिविधियों के लिए आतंकवाद और पृथकतावादी तत्वों का इस्तेमाल पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है। आज भी हमारा पड़ोसी अपनी धरती पर ही नहीं,बल्कि बहुत से दूसरे देशों में, खासकर पश्चिमी देशों में, भारत विरोधी तत्वों को बढ़ावा दे रहा है। यह और भी दुर्भाग्य का विषय है कि भारत को कमजोर करने के इरादे से कुछ देशों के राजनेताओं को भी गुमराह करने की कोशिश की जाती है। हमने पाकिस्तान से बार-बार कहा है कि वह इन गतिविधियों से बाज आए। दूसरे देशों में, जहां ये तत्व हरकत में आते हैं, हम उन सरकारों को इस बारे में सचेत करते हैं और हमें उनका सहयोग मिलता है।
सिख समुदाय की बहादुरी और देशभक्ति की परंपरा हमारी विरासत का एक अटूट हिस्सा है। इतिहास में इस वर्ष का विशेष महत्व है क्योंकि यह श्री गुरु नानक देव जी के जन्म की 550वीं सालगिरह है। मुझे ख़ुशी है कि हमारी सरकार ने सिख समुदाय की एक बहुत पुरानी मांग, यानी करतारपुर कॉरीडोर पर पूरी तत्परता से काम शुरू किया है और इस बारे में पाकिस्तान से विशेषज्ञों के स्तर पर बातचीत की जा रही है। आशा की जानी चाहिए कि सिख धर्म के अनुयायियों  की भावनाओं का ध्यान रखते हुए पाकिस्तान करतारपुर के विषय में सही मायनों में सकारात्मक कदम उठाएगा।
 

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