Friday, Jan 18, 2019

Interview 2: ऊर्जावान युवाओं की पसंद हैं PM मोदी- राजीव प्रताप रूडी

  • Updated on 1/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चंडीगढ़ से छात्र राजनीति शुरू करने वाले और छपरा से लालू यादव को हराने वाले भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी अटल और मोदी सरकार में मंत्री रहे हैं और कॉमर्शियल जहाज उड़ाने वाले अकेले राजनेता हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले पार्टी ने उन्हें प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी दी है। इसी बीच नवोदय टाइम्स/पंजाब केसरी से उन्होंने खास बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश:

चुनाव में राफेल मुद्दा बनेगा क्या?
राफेल तो मुद्दा ही नहीं है। कांग्रेस आरोप लगा रही है, लेकिन प्रमाण नहीं दे रही। इसको देश की जनता देख और समझ रही है। जहां तक बात अंबानी को काम देने की बात है तो 200 कंपनियों को काम मिला है। सिर्फ अंबानी को काम मिलता होता तो सवाल उठाया जा सकता था। जिसको भी काम मिला है, नियम पूरा करने के बाद ही मिला है। 80 प्रतिशत लोग कांग्रेस के आरोप पर विश्वास नहीं करते।

मेक इन इंडिया की बात करते हैं और एयरक्राफ्ट बाहर से ले रहे हैं?
इस तकनीक में हम बहुत सक्षम नहीं हैं। इस कारण इसे बाहर से लेना पड़ रहा है। आईटी में हम बहुत आगे हैं तो उसके लिए हम बहुत काम कर रहे हैं।

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी प्रोपेगंडा फिल्में ठीक चुनाव से पहले रिलीज की जा रही हैं। 
फिल्में बनाने या किताब लिखने पर रोक तो है नहीं। जो लोग इस तरह की बात कर रहे हैं, उन लोगों ने तो ‘किस्सा कुर्सी का’ और ‘आंधी’ जैसी फिल्म के प्रिंट उठवा लिए थे। इसके अतिरिक्त अन्य फिल्मों को भी रोका गया। 

ऊर्जावान युवाओं की पसंद हैं मोदी
2014 में 65 प्रतिशत युवाओं ने मोदी को रोजगार के नाम पर वोट दिया था। लेकिन, यह वर्ग बेरोजगारी झेल रहा है। क्या युवाओं को गंभीरता से लिया नहीं जा रहा? बेरोजगारी का मुद्दा बहुत विवादित है। जो भी युवा ऊर्जा से भरा है वह पूरी तरह से मोदी के साथ है। कांग्रेस की तरफ उसका झुकाव नहीं है। वह मोदी को देश ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखता है। 

पासवान साथ हैं, साथ रहेंगे
बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है, क्या कहेंगे?
बिहार का नक्शा बदल चुका है। विकास का काम खूब हुआ है। जहां तक बात कानून-व्यवस्था की है तो बहुत बड़ी जनसंख्या को नियंत्रण करना मुश्किल होता है। हां, आपसी रंजिश के मामले में हत्या आदि की घटनाएं हो रही हैं। माफियाराज जैसा पहले था वैसा नहीं है। सीएम नीतीश कुमार काम 
कर रहे हैं। 

कहते हैं पासवान जी जिधर जाते हैं, हवा उस तरफ चलती है, अभी तो नाराज थे?
ऐसा नहीं है, वह हमारे साथ ही हैं और रहेंगे। चुनाव के पहले गठबंधन के दल थोड़ा बहुत अपनी बात रखने के लिए ऐसा करते हैं। लेकिन, सब साथ हैं। 

विकास के दम पर मांगेंगे वोट
चुनाव में आपका मुद्दा मंदिर होगा या आर्थिक स्थिति होगी?
मंदिर मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही साफ कह दिया है कि अदालत के निर्णय से पहले कोई हस्तक्षेप मंदिर मुद्दे में नहीं  किया जाएगा। जहां तक बात रही प्राथमिकता की तो विकास, गरीब और आर्थिक सुधार ही है। आर्थिक सुधार के लिए जो काम हमने किए हैं, उससे सुधार हुआ भी है। यह खुद व्यापारी मानते हैं भले ही उनको नुक्सान हुआ है, लेकिन जो काम हुए हैं वह बहुत अच्छे हैं। पिछले एक महीने में स्थिति बहुत सुधरी है। 

मेरा सवाल फिर वही है कि मार्च में आचार संहिता लग जाएगी।भाजपा की प्राथमिकता क्या होनी चाहिए मंदिर या इकोनॉमी?
मंदिर के प्रति हमारी आस्था तो है ही। इस मुद्दे को तो हम छोड़ नहीं सकते हैं। लेकिन, चूंकि मामला अदालत में है तो हम उसका इंतजार कर रहे हैं। अब तो मुद्दा विकास के वह कार्य हैं, जो हमने किए हैं। इन कार्यों को ही जनता के सामने रखना है।

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