Friday, Jun 25, 2021
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UBER की मुसीबतें बढ़ी, CEO कलानिक पर निवेशक ने दायर किया मुकदमा

  • Updated on 8/11/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। एप आधारित कैब सेवाएं प्रदान करने वाली स्टार्टअप कंपनी उबर की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। वैश्विक परिचालन के प्रमुख के इस्तीफा देने तथा पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ एक प्रमुख निवेशक के मामला दायर करने से कंपनी की मुसीबतें नए सिरे से शुरू हो गई हैं।

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कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (वैश्विक परिचालन) रयान ग्रेव्स ने कल ईमेल के जरिए बताया था कि वह सितंबर में अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि वह निदेशक मंडल में बने रहेंगे। कंपनी के शेयर्स में 13 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी बेंचमार्क कैपिटल पार्टनर्स ने पूर्व सीईओ ट्राविस कलानिक को निदेशक मंडल का समर्थन मिलने पर आपत्ति जताते हुए इसके खिलाफ कल डेलावरे चैंसरी कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था।

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उसने आरोप लगाया कि कलानिक कंपनी के निदेशक मंडल में अपने लोगों को भरना चाहते हैं तथा इसके बाद उनकी योजना फिर से सीईओ पद पाने की है। यह कंपनी के शेयरधारकों, कर्मचारियों, ड्राइवरों और उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह होगा।

बेंचमार्क ने आरोप लगाया कि कलानिक ने 2016 में निदेशक मंडल में तीन अतिरिक्त पद सृजित करते समय निवेशकों से जानकारी छिपाई थी तथा इन्हें नियुक्त करने का अधिकार भी अपने पास रख लिया था। इसके अलावा कलानिक को इस बात का भी पता था कि कंपनी के खिलाफ गूगल की स्वचालित कार इकाई वायमो की जानकारियां चुराने का आरोप लग सकता है। इस साल की शुरुआत में वायमो ने इस संबंध में उबर के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया था।

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बेंचमार्क ने यह भी कहा कि कलानिक कंपनी के भेदभाव की संस्कृति और यौन प्रताड़ना को समाप्त करने की अपनी असफलता की कभी चर्चा नहीं करते हैं। कलानिक को प्रताड़ना एवं अन्य दुर्व्यवहार की महीने भर चली जांच के बाद जून में पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि इसके बाद उन्होंने खुद को निदेशक मंडल की अतिरिक्त सृजित पदों में से एक पर नियुक्त कर लिया था। शेष दो पद खाली रहे थे।

कंपनी ने इस मुकदमे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कलानिक के प्रवक्ता ने बयान जारी कर इस बाबत कहा कि मुकदमे में लगाए गए सारे आरोप तथ्यहीन हैं तथा झूठे आरोप गढ़े गए हैं। उन्होंने कहा कि ट्राविस कंपनी और उसके हिस्सेदारों के हित में काम करना जारी रखेंगे। उन्हें पूरा यकीन है कि पूरी तरह झूठ पर आधारित ये दावे खारिज कर दिए जाएंगे।

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