irregularities-in-periods-can-cause-serious-illness-like-cancer

पीरियड्स में अनियमितता बन सकती है कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की वजह, रखें खास ख्याल

  • Updated on 8/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अनियमित जीवनशैली, गलत खानपान और हार्मोनल कमी के कारण आज के समय में कई महिलाएं पीरियड्स में अनियमितता की समस्या से गुजर रही हैं, लेकिन अक्सर ही वह इसे नजरअंदाज करती रहती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि पीरियड्स को लेकर आपकी लापरवाही आपको काफी गंभीर बीमारियां दे सकती है। इसलिए अगर आप भी पीरियड्स में होने वाली अनियमितता को इग्नोर करती हैं तो आपको भी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बंद तो हुआ दरियागंज बुक मार्केट, लेकिन खड़े हुए कई सवाल

कैंसर का खतरा
पीरियड्स रेग्यूलर नहीं होने से महिलाओं में कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, पीसीओडी से जूझ रही महिलाओं की ओवेरी में अन्य महिलाओं की तुलना में काफी अधिक हार्मोन्स बनते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार अंडाणु गांठ में तब्दील होने लगते हैं और बाद में यही गांठ या सिस्ट कैंसर का रूप ले लेती है।

अनुच्छेद 370 हटते ही जम्मू-कश्मीर में इस कंपनी ने हेलमेट फैक्ट्री लगाने की योजना बनाई

जिससे महिलाओं की जान जाने तक का खतरा रहता है। महिलाओं में यह सिस्ट छोटी-छोटी थैली नुमा में होती है, जिनमें लिक्विड होता है। ऐसे में धीरे-धीरे इनका शेप बढ़ने लगता है और बाद में यह महिलाओं के लिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारी बनकर उभरता है।

देश की बेटी सुषमा स्वराज का यूं ही खामोशी से चले जाना... हर दिल रोया

कैंसर के अलावा ऐसी अन्य कई और बीमारियां हैं जो पीरियड्स में रेग्युलेरिटी न होने के कारण महिलाओं पर जल्दी अटैक करती हैं। इनमें स्किन प्रॉब्लम, बार-बार तबीयत खराब होना, डायबिटीज और हाई कॉलेस्ट्रॉल जैसी प्रॉब्लम भी हो सकती है। बता दें कुछ समय पहले तक पीरियड्स में अनियमितता की समस्या काफी कम थी, लेकिन लगातार बदलती जीवनशैली और खानपान के चलते अब यह बीमारी कई महिलाओं पर अटैक कर रही है।

जिसके चलते जब भी महिलाएं इस टॉपिक पर डॉक्टर से मिलने जाती हैं तो वह सबसे पहले उन्हें सही रूटीन और खान-पान में बदलाव की सलाह देते हैं।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.