Sunday, Aug 14, 2022
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Is the country anti the family man

क्या देश विरोधी है ‘द फैमिली मैन’

  • Updated on 10/2/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ विवादों में घिर गई है। मनोज वाजपेयी की मुख्य भूमिका वाली इस वेब सीरीज को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पत्रिका ‘पांचजन्य’ ने अपने एक लेख में वेब सीरीज को देश विरोधी करार दिया है।

20 सितंबर से प्रसारित
वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ 20 सितंबर से प्रसारित हो रही है। सीरीज एक ऐसे मध्यम वर्गीय शख्स की कहानी बताई गई है, जो कि गुप्त रूप से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में काम करता है। राज निदिमोरू और कृष्णा डीके सीरीज के निर्माता और निर्देशक हैं। श्रीकांत के तौर पर मनोज वाजपेयी सीरीज में मुख्य किरदार निभा रहे हैं। हिंदी के अलावा अंग्रेजी, तमिल और तेलुगू में भी यह सीरीज दिखाई जा रही है। सोशल मीडिया पर दर्शकों ने इस सीरीज पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है, हालांकि, कइयों को यह नापसंद भी आई है।

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भारत विरोध का नया रूप!
संघ की पत्रिका ‘पांचजन्य’ ने अपने लेख में ‘द फैमिली मैन’ को निशाना बनाते हुए कहा है, ‘उद्देश्य यही है कि लोगों के मन में आतंकवादियों के लिए सहानुभूति पैदा हो और आतंकवादी बनना कूल और फैशनेबल लगे।’ लेख में कहा गया है, ‘वेब सीरीज के एक दृश्य में एनआईए की महिला अधिकारी कह रही है कि स्पेशल पावर एक्ट के दम पर कश्मीरी लोगों को दबाया जा रहा है। हम उनके फोन और इंटरनेट बंद कर देते हैं। यहां के लोग हमारे रहम-ओ-करम पर जी रहे हैं। किसी को खुलकर आजादी से जीने ना देना अगर जुल्म नहीं है तो क्या है? दिल्ली से गया अधिकारी अपनी सहकर्मी की बात से प्रभावित दिखाई दे रहा है। महिला अधिकारी कहती है,  आखिर हममें और उन मिलिटेंट्स (आतंकवादियों) में फर्क क्या है?’  आलेख में कहा गया है, ‘क्या कोई कल्पना कर सकता है कि देश की सेना को आतंकवादियों जैसा कहने का ये कारनामा हमारे ही देश के फिल्मकारों का है।...फिल्मों और टीवी धारावाहिकों के बाद भारत विरोध और जिहाद का ये बिल्कुल नया रूप है।’

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निशाने पर कई वेब सीरीज
इस सीरीज को लेकर ‘पांचजन्य’ ने सवाल उठाया है, ‘वेब सीरीज बनाने वाले ये वामपंथी फिल्मकार आखिर चाहते क्या हैं? इस बात को समझने के लिए हमें पूरे राष्ट्रीय परिदृश्य को संदर्भ में लेना होगा।’ आलेख में नेटफ्लिक्स की ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी वेब सीरीज पर भी निशाना साधा गया है, जबकि यह काफी लोकप्रिय रही। आलेख में कहा गया है, ‘वेब सीरीज में गाली-गलौच और अश्लील दृश्यों की भरमार होती है। कुछ समय पहले ‘सेक्रेड गेम्स’ और ‘घोल’ नाम से वेब सीरीज आई थी, जो कि सीधे-सीधे हिंदुओं से घृणा का उदाहरण है।’ 

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