Sunday, Nov 28, 2021
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isro chief k sivan said government has approved chandrayan 3 launch this year

Chandrayan-3: चांद पर तीसरी चढ़ाई इसी साल, के सिवन ने कही ये बात

  • Updated on 1/1/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) प्रमुख के सिवन (K Sivan) ने नए साल के इस खास अवसर पर देशवासियों के सामने 2019 की उपलब्धियां और 2020 के टारगेट के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सरकार ने चंद्रयान-3 (Chandrayan-3) को मंजूरी दे दी है और इस परियोजना पर कार्य चल रहा है। के सिवन ने बुधवार को कहा कि दूसरे स्पेस पोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण पर कार्य चल रहा है। दूसरा पोर्ट तमिलनाडु के थोथूकुडी में होगा।

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चंद्रयान-2 (Chandrayan-2) को लेकर इसरो प्रमुख ने आगे कहा, "बेशक हम सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर लैंड नहीं कर पाए लेकिन हमने चंद्रयान -2 पर अच्छी प्रगति की है। ऑर्बिटर अब भी काम कर रहा है। यह अगले सात सालों तक काम करता रहेगा और साइंस डेटा देता रहेगा।"

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अगले साल हो सकता है चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण
इसरो ने ऐलान किया कि देश के तीसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 पर काम चल रहा है और प्रक्षेपण अगले साल तक के लिए टल सकता है। इस घोषणा से पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि भारत 2020 में चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण करेगा। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि तीसरे चंद्रयान मिशन से संबंधित सभी गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि इसमें पहले की तरह लैंडर, रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल होगा। परियोजना की लागत पर सिवन ने कहा, "इस मिशन पर 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।" उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल तक के लिए टल सकता है।

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इस साल लॉन्च होगा चंद्रयान मिशन-3
बता दें कि केंद्र सरकार (Central Government) ने घोषणा की है कि इसरो का चंद्रयान मिशन-3 इसी साल लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 के बाद यह इसरो का तीसरा चंद्र मिशन होगा। अंतरिक्ष मामलों के केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि चंद्रयान-3 को इसी साल लांच करने की संभावना है। यह काफी किफायती है। हमारा ऑर्बिटर पहले से ही चांद की कक्षा में मौजूद है। ऐसे में हमें नया ऑर्बिटर भेजने की जरूरत नहीं होगी और इस मिशन की लागत काफी कम हो जाएगी। 

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इस साल फिर सॉफ्ट लैंडिंग
चंद्रयान-3 मिशन के तहत लैंडर चंद्रमा पर भेजा जाएगा। इस तरह इस साल एक बार फिर चांद की सतह पर भारत सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा। इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन पर काम शुरू कर दिया है। इसरो ने नए मिशन के लिए केंद्र सरकार से मौजूदा बजट के अलावा 75 करोड़ रुपये की और मांग की है। उल्लेखनीय है चंद्रयान-2 का लैंडर 7 सितम्बर को चांद की सतह पर लैंडिंग से ठीक पहले गायब हो गया था। क्रैश लैंडिंग से कई टुकड़ों में टूट गया था। जबकि चंद्रयान-2 का आर्बिटर सही तरीके से काम कर रहा है।  

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