Friday, Jun 18, 2021
-->
isro chief k sivan said mangalyaan-2 of india will be an orbiter campaign pragnt

मंगलयान-2 को लेकर बोले ISRO प्रमुख- ये भारत का होगा एक ऑर्बिटर अभियान

  • Updated on 2/20/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के रोवर 'पर्सिवियरन्स' (Perseverance) के शुक्रवार तड़के मंगल ग्रह की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुंसधान संगठन (ISRO) के प्रमुख के. सिवन (K Sivan) ने देर शाम कहा कि 'लाल ग्रह' के लिए भारत का मंगलयान-2 एक 'ऑर्बिटर' होने की संभावना है।

NASA ने मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक उतारा Perseverance रोवर, मिली बड़ी सफलता

इसरो प्रमुख ने मंगलयान-2 के लिए कोई सटीक समय सीमा नहीं बताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि मंगल ग्रह पर भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का अगला अभियान चंद्रयान-3 के बाद भेजा जाएगा। चंद्रयान-3 के जरिए इसरो का लक्ष्य पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा पर एक रोवर उतारने का है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन लागू हो जाने से इसमें देर हो गई है और अब 2022 में इसे भेजे जाने की संभावना है।

OROP संशोधन को लेकर रक्षा मंत्रालय पर राहुल गांधी का निशाना, पूछे ये सवाल

इसरो प्रमुख ने कहा ये
सिवन ने कहा कि मंगल ग्रह की सतह पर उतरना कहीं अधिक कठिन है। चंद्रयान-3 इसरो के दूसरे ग्रह पर रोवर उतारने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। इसरो ने अपने सफल 'मार्स ऑर्बिटर मिशन' (मंगलयान) ने 'मार्स ऑर्बिटर मिशन-2' की अपनी अगली योजना की घोषणा की है। इसके मुताबिक, 'अब उसकी योजना भविष्य के प्रक्षेपण के अवसर तलाशने के लिए मंगल पर एक ऑर्बिटर मिशन भेजने की है।'

BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा 25 फरवरी को जाएंगे बंगाल, बैरकपुर में रैली को करेंगे संबोधित

अच्छा काम कर रहा मंगलयान -1
सिवन ने कहा कि मंगलयान-1 'अब भी अच्छा काम कर रहा है' और डेटा भेज रहा है। उन्होंने बताया कि इसरो ने संभावित प्रयोगों के लिए वैज्ञानिक समुदाय से सुझाव देने को कहा है और वह इन्हें प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। सिवन ने कहा, 'सुझाव प्राप्त होने के बाद, हम एक परियोजना रिपोर्ट तैयार करेंगे और (एक विशेषज्ञ) समिति में चर्चा करेंगे। फिर हम अंतरिक्ष आयोग जाएंगे।' गौरतलब है कि अंतरिक्ष आयोग, अंतरिक्ष से जुड़ी गतिविधियों पर नीतिगत निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।

ऑस्ट्रेलियाई के प्रधानमंत्री ने PM नरेन्द्र मोदी से की बात, फेसबुक-गूगल के खिलाफ मांगा समर्थन

सिवन ने दिया ये जवाब
यह पूछे जाने पर कि मंगलयान-2 रोवर होगा या ऑर्बिटर होगा, सिवन ने कहा, 'अभी हम ऑर्बिटर मिशन के बारे में ही सोच रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'मंगलयान-2 सिर्फ ऑर्बिटर मिशन होगा।' मंगलयान-1 नवंबर 2013 को भेजा गया था और इसने सितंबर 2014 में मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था। यह छह महीने काम करने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन यह अब भी, सातवें साल में भी सेवा दे रहा है। मंगलयान-1 के ऑर्बिटर ने हजारों की संख्या में तस्वीरें भेजी हैं।

चीन ने गलवान झड़प पर जारी किया प्रोपेगेंडा वीडियो, भारतीय सैनिकों पर लगाया हमले का आरोप

चल रहा है कई और मिशन पर काम
इसरो की अन्य बड़ी परियोजनाएं भी कतार में हैं। मंगलयान की सफलता के बाद इसरो ने शुक्र ग्रह पर भी अभियान भेजने का फैसला किया है। बहरहाल, इसरो की तत्काल प्राथमिकता चंद्रयान-3 और गगनयान है। इन दोनों परियोजनाओं में कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के चलते देर हुई है। चंद्रयान -3 के तहत इसरो एक बार फिर एक रोवर चंद्रमा की सतह पर उतारेगा। अभियान इस साल के अंत में भेजा जाएगा। चंद्रयान-2, भारत की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था।

बैंकों में लॉकर प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आरबीआई को निर्देश

2022 में इसरों का है ये प्लान
इसरो की योजना 2022 तक गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में तीन अंतरिक्ष यात्रियों को भी भेजने की है। अंतरिक्ष सहयोग के लिए भारत-फ्रांस संयुक्त दृष्टिपत्र में भी मंगल ग्रह के लिए संभावित सहयोग का उल्लेख किया गया है। नासा ने भी लाल ग्रह पर अभियान में सहयोग के लिए इसरो के साथ एक समझौता किया है। हालांकि, सिवन ने कहा, 'हमें उनसे अभी तक इस बारे में कोई पत्र नहीं मिला है। हमने सभी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों और भारत में अपने वैज्ञानिक समुदाय को पत्र लिखा है।'

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें... 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.