Tuesday, Jun 18, 2019

ISRO ने लॉन्च की RISAT-2B सैटेलाइट, सीमा सुरक्षा और धुसपैठ को रोकने में करेगा मदद

  • Updated on 5/22/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से  PSLVC46 लॉन्च किया। जिसकी मदद से भारत को कई क्षेत्रों में मदद मिलेगी। जिसमें सीमा सुरक्षा और आपदा जैसे प्रमुख बिंदु रहेंगे। PSLVC46 ने सफलतापूर्वक RISAT-2B रडार पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट को 555 किमी ऊंचाई वाले लो अर्थ ऑर्बिट में इंजेक्ट किया।

यह PSLV की 48 वीं उड़ान है। और रीसैट सैटेलाइट सीरीज का चौथा सैटेलाइट है। बता दें कि ये सैटेलाइट खुफिया निगरानी, कृषि, और आपदा प्रबंधन सहयोग जैसे क्षेत्रों में मदद करेगा। इसके साथ ही रीसैट-2बी सैटेलाइट का इस्तेमाल किसी भी तरह के मौसम में टोही गतिविधियों, रणनीतिक निगरानी औऱ आपदा प्रबंधन में किया जा सकता है।

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इस सैटेलाइट के साथ सिंथेटिक अपर्चर रडार इमेजर भेजा गया है। जिससे संचार सेवाएं निरंतर बनी रहेंगी। इससे पूर्व में मंगलवार को इसरो चेयरमैन के. सिवन ने तिरुपि के तिरुमाला मंदिर में जाकर पूजा की। बता ये कि ये इसरों की परंपरा रही है कि जब भी कोई प्रोजेक्ट लांच किया जाता है तो तिरुमति जाकर भगवान  वेंकटेश्वर की पूजा की जाती है।

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कहा जा रहा है कि ये सैटेलाइट प्राकृतिक आपदाओं में मदद करेगा। साथ ही इस सैटेलाइट के जरिए अंतरिक्ष से जमीन पर तीन फीट की उंचाई की उम्दा तस्वीरें ली जाती हैं। इस सीरीज के सैटेलाइट को सीमाओं की निगरानी और घुसपैठ रोकने के लिए 26/11 मुंबई बंम हमलों के बाद विकसित किया गया। 
 

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