Wednesday, Nov 25, 2020

Live Updates: Unlock 6- Day 25

Last Updated: Wed Nov 25 2020 09:25 PM

corona virus

Total Cases

9,250,836

Recovered

8,667,226

Deaths

135,093

  • INDIA9,250,836
  • MAHARASTRA1,795,959
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA871,342
  • TAMIL NADU768,340
  • KERALA578,364
  • NEW DELHI545,787
  • UTTAR PRADESH531,050
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA315,271
  • TELANGANA263,526
  • RAJASTHAN240,676
  • BIHAR230,247
  • CHHATTISGARH221,688
  • HARYANA215,021
  • ASSAM211,427
  • GUJARAT201,949
  • MADHYA PRADESH188,018
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB145,667
  • JHARKHAND104,940
  • JAMMU & KASHMIR104,715
  • UTTARAKHAND70,790
  • GOA45,389
  • PUDUCHERRY36,000
  • HIMACHAL PRADESH33,700
  • TRIPURA32,412
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,269
  • NAGALAND10,674
  • LADAKH7,866
  • SIKKIM4,691
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,631
  • MIZORAM3,647
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,312
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
jamia students again on protest besieged vc office

फिर विरोध प्रदर्शन पर उतरे जामिया के छात्र, VC ऑफिस का किया घेराव

  • Updated on 1/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली (Delhi) में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) स्टूडेंट्स के साथ हिंसा और बाद में वहां के कुलपति के इस्तीफे की मांग के बाद अब जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में कुलपति (vice chancellor) के ऑफिस के बाहर बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स वीसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और छात्रों ने वीसी के दफ्तर का घेराव किया हुआ है। 

Delhi: CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों में गूंजे 'आजादी' के नारे

वाइस चांसलर चुप्पी तोड़ो के नारे
बताया जा रहा है कि जामिया में स्टूडेंट्स 'वाइस चांसलर चुप्पी तोड़ो' के नारे लगा रहे है। प्रदर्शकारियों का कहना है कि वीसी को जवाब देना होगा कि अब तक दिल्ली पुलिस के खिलाफ कोई मामला क्यों दर्ज नहीं करवाया गया। वे लगातार सवाल पुछ रहे हैं कि दिल्ली पुलिस को जामिया कैंपस में घुसने की इजाजत किसने दी। 15 दिसंबर को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी और दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल होकर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

CAA पर विपक्ष की बैठक में बोलीं सोनिया गांधी, मोदी- शाह ने देश को गुमराह किया

पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की तब वहां 50 से 60 छात्र वहां मौजूद
छात्रों के मुताबिक पुलिस ने परिसर की नाकेबंदी कर दी थी और घायल छात्रों को इलाज कराने से रोका था। छात्रों ने कहा कि पुस्तकालय की खिड़की तोड़ दी थी। जब पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की तब वहां 50 से 60 छात्र वहां मौजूद थे। अख्तर ने छात्रों को समझाने की कोशिश की जो पीछे हटने को तैयार नहीं थे। छात्रों ने कहा कि अगर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तैयार नहीं है तो वे शिकायत पर संज्ञान लिए जाने तक मार्च करने के लिए तैयार हैं। बयान में विश्वविद्यालय ने कहा कि प्रशासन छात्राओं की चिंताओं को दूर करने के लिए सभी संभव कदम उठाएगा।

#JNU छात्र संघ का आरोप- ‘फर्जी प्रॉक्टर जांच’ का हवाला देकर रोका गया पंजीकरण

विश्वविद्यालय पुलिस बर्बरता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने पर करेगा विचार
बयान के कहा गया, 'यह भी फैसला लिया गया है कि प्रशासन 15 दिसंबर 2019 को विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में पुलिस की बर्बरता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए यथाशीघ्र अदालत जाने की संभावना पर विचार करेगा।' विज्ञप्ति में कहा गया, 'विश्वविद्यालय प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पहले ही सभी संभव कदम उठा चुका है। उसने जामिया नगर के थानाप्रभारी को शिकायत दी थी और इसकी प्रति दिल्ली पुलिस के आयुक्त और दक्षिण पूर्व दिल्ली के उपायुक्त को भी भेजी थी। विश्वविद्यालय ने दक्षिण क्षेत्र के संयुक्त आयुक्त और उपायुक्त अपराध को भी प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है।'

अगली सूचना तक चल रहे सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द रहेंगी
छात्रों ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं की तारीखें नए सिरे से निर्धारित करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर विश्वविद्यालय ने कहा, 'प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग पर कुलपति ने डीन, विभागाध्यक्षों और अन्य अधिकारियों से परामर्श किया और घोषणा की कि अगली सूचना तक चल रहे सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द रहेंगी। परीक्षा की नयी तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी।' नाराज छात्रों ने दावा किया कि हिंसा के बाद उन्हे छात्रावास खाली करने का नोटिस दिया गया, जिससे कुलपति ने इनकार किया। आर्किटेक्चर के छात्र सईद फहद ने कहा कि प्राथमिकी उन लोगों के खिलाफ दर्ज की गई जो प्रदर्शन के दौरान अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे।

यथाशीघ्र प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए-नौशाद
उन्होंने पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि असली गुनाहगार अभी भी खुले घूम रहे हैं। अभियंत्रिकी के छात्र आदिल ने कहा कि पिछले महीने हुई हिंसा के मामले में एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। विधि के छात्र रागिब नौशाद ने कहा कि वह कुलपति के आश्वासन से आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'यथाशीघ्र प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। कुलपति को सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ भरोसा देना होगा कि दोबारा पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल नहीं होगी।'

comments

.
.
.
.
.