Wednesday, Jan 22, 2020
jammu and kashmir after abolition article 370 no prayer in big jamia masjid srinagar

कश्मीर की बड़ी मस्जिदों में जुमे की नमाज पर अभी भी जारी हैं पाबंदियां

  • Updated on 11/15/2019

नई दिल्‍ली/ टीम डिजिटल। केंद्र की मोदी सरकार की ओर से 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान खत्म करने की घोषणा के बाद लगातार 15वें हफ्ते श्रीनगर के नौहट्टा इलाके में स्थित जामिया मस्जिद में जुमे की सामूहिक नमाज नहीं हुई। अधिकारियों ने बताया कि मस्जिद के दरवाजे बंद रहे और बड़ी संख्या में सुरक्षाबल इलाके में तैनात रहे। 

एमनेस्टी इंटरनेशनल के बेंगलुरु, दिल्ली कार्यालयों पर CBI की छापेमारी

उन्होंने बताया कि ऐसी आशंका है कि निहित स्वार्थ के लिए कुछ लोग जुमे की नमाज के लिए बड़ी मस्जिदों और दरगाहों में जुटने वाली भीड़ का इस्तेमाल राज्य का विशेष दर्जा खत्म करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कर सकते हैं। श्रीनगर के पुराने इलाके में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद में करीब तीन महीने से जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी गई है। हालांकि हजरबल दरगाह में साप्ताहिक जलसे की अनुमति है। 

राफेल मामले में CBI को दर्ज करनी चाहिए FIR, वर्ना हम जाएंगे.... : भूषण, शौरी

प्रशासन ने बड़े पैमाने पर लोगों को एक साथ जुटने से रोकने के लिए दरगाह के आसपास कंटीले तार की बाड़ लगायी है। प्रशासन ने रविवार को ईद-मिलाद-उन नबी के मौके पर डल झील के किनारे स्थित दरगाह में भीड़ को जमा होने से रोकने के लिए सभी रास्तों को सील कर दिया।  इससे पहले प्रशासन ने श्रीनगर के ख्वाजाबाकाार इलाके में स्थित नक्शबंध साहब की दरगाह पर होने वाले पारंपरिक ‘खोजे दीगर’ जलसे पर भी रोक लगा दी। 

जम्मू कश्मीर, लद्दाख में संसाधनों के बंटवारे के लिए मोदी सरकार ने गठित की समिति

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह घाटी में अधिकतर दुकाने खुली रहीं लेकिन दोपहर को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए दुकानदारों ने दुकाने बंद कर दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को सड़कों पर कम वाहन दिखे। हालांकि दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हो रही हैं।  

महबूबा को सरकारी आवास में स्थानांतरित किया
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को शुक्रवार को जबरवान रेंज की तलहटी के एक पर्यटक आवास से यहां एक सरकारी आवास में स्थानांतरित किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस कदम की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि र्सिदयां नजदीक आ रही हैं और, दूसरा, बार बार बिजली गुल होने के कारण वहां ठहरना मुश्किल हो गया था। इस साल पांच अगस्त को उन्हें नजरबंद किया गया था और उस पर्यटक आवास में रखा गया था। इस पर्यटक आवास को जेल में तब्दील कर दिया गया था। 

मस्जिद के लिए जमीन के मामले पर पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले को तव्वजो देगा सुन्नी वक्फ बोर्ड

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह अधिकारी पीडीपी की संरक्षक के पर्यटक आवास पर पहुंचे लेकिन कुछ कागजी कार्रवाई के चलते उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया में देरी हुई। अधिकारियों ने बताया कि महबूबा को शुक्रवार शाम को शहर के मुख्य क्षेत्र में एक सरकारी आवास में पहुंचा दिया गया। उससे पहले जम्मू कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन ने इस आवास को जेल घोषित कर दिया था।

मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला को पांच अगस्त को तड़के नजरबंद किया गया था जब केंद्र ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के निरसन और राज्य को दो संघशासित प्रदेशों-- जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में बांटने की घोषणा की थी। शुरू में महबूबा को हरि निवास में उमर अब्दुल्ला के साथ रखा गया था। लेकिन बाद में उन्हें चेश्मा साही स्थानांतरित कर दिया गया और उन्हें एक पर्यटक आवास में ठहराया गया। 

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.