jewelry industry in recession after automobile sector skilled artisans employment crisis

ज्वैलरी बिजनेस में भी छाई मंदी, कारीगरों की जा सकती हैं नौकरियां

  • Updated on 9/9/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ऑटोमोबाइल सेक्टर के बाद अब आभूषण उद्योग ‘मंदी’ के दौर से गुजर रहा है। इससे कुशल कारीगरों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो सकता है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद ने सोमवार को यह बात कही। परिषद ने इसके साथ ही आयातित सोने पर सीमा शुल्क की दरें कम करने और आभूषणों पर जीएसटी की दर घटाने की मांग की है। 

जन न्यायाधिकरण को भी नहीं भा रही है मोदी सरकार की #NRC नीति

आम बजट 2019-20 में आयातित सोने पर सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया था। वहीं आभूषण पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर तीन प्रतिशत तय की गई है। पूर्ववर्ती मूल्य वर्धित कर (वैट) प्रणाली में यह एक प्रतिशत थी। परिषद के वाइस चेयरमैन शंकर सेन ने कहा, ‘‘कमजोर मांग से आभूषण उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा है। इससे हजारों कुशल कारीगरों का रोजगार छिनने का अंदेशा पैदा हो गया है।’’ 

यौन उत्पीड़न मामले में अकबर के खिलाफ प्रिया रमानी ने दी जोरदार दलीलें

उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क में वृद्धि तथा जीएसटी की मौजूदा दर से उपभोक्ता धारणा प्रभावित हो रही है क्योंकि इससे आभूषणों की कीमतों में इजाफा हुआ है।  सेन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी मांग है कि सीमा शुल्क की दर को 12.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाए। जीएसटी की दर को भी एक प्रतिशत पर लाया जाए।’’ उन्होंने कहा कि ऊंचे सीमा शुल्क की वजह से सोने की तस्करी भी बढ़ी है। 

जेठमलानी ने कभी कोसा था मोदी, जेटली और चिदंबरम को, वाजपेयी से बना ली थी दूरी

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.