Thursday, Apr 09, 2020
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झारखंड: कैबिनेट की पहली बैठक से ही सक्रिय हुई सरकार, लिए ये अहम फैसले

  • Updated on 12/30/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। झारखंड (Jharkhand) में नई सरकार के तहत हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और रविवार को कैबिनेट की पहली बैठक में अहम फैसले लिए हैं। झारखंड के 81 विधानसभा सिटों में झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस गठबंधन के 47 विधायक हैं जिससे झारखंड सरकार का गठन हुआ है। 

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विभागों में खाली पदों की जल्द होगी भर्ती
कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। राज्य सरकार में अलग-अलग विभागों में खाली पदों को जल्द भरने की बात कही गई। इसके साथ यौन उत्पीड़न और अन्य अपराधों को लेकर हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करते हुए न्यायिक पदाधिकारियों की नियुक्ति का फैसला लिया गया।

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विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे की वापसी
मंत्रिपरिषद की बैठक में पांचवी झारखंड विधानसभा के पहले सत्र को 6 जनवरी 2020 से 8 जनवरी 2020 तक की मंजूरी दी गई। काश्तकारी कानून में बदलाव की कोशिश में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे भी वापस होंगे। इस बैठक में स्टीफन मरांडी को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया। 

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पत्थलगड़ी आंदोलन में हुए मुकदमें में को वापस लिया गया
कैबिनेट बैठक में सबसे अहम फैसला था 2017-2018 में पत्थलगड़ी आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेना। इसके अलावा कैबिनेट ने आंगनबाड़ी सेविकाओं, अनुबंध कर्मियों, सहायिका, विभिन्न श्रेणियों के पेंशन भोगियों सभी प्रकार की छात्रवृत्तियां और पारा शिक्षकों से संबंधित सभी लंबित भुगतानों पूर्ण कराने के लिए शिविर लगाकर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।    

बता दें कि पत्थलगड़ी आंदोलन में आदिवासियों ने बड़े-बड़े पत्थरों पर संविधान की पांचवीं अनुसूची में आदिवासियों के लिए प्रदान कि ए गए अधिकारियों को लिखकर जगह-जगह जमीन के ऊपर लगा दिए थे।

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पुलिस और आदिवासियों के बीच हुआ था संघर्ष
उस समय आंदोलन काफी हिंसक हो गया था आंदोलन के बीच पुलिस और आदिवासियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ था और आंदोलन ने भीषण रूप ले लिया था। उस समय मौजूदा सराकर ने आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज किए थे। 

इस आंदोलन में आपीसी की धारा 121A और 124A को तहत कई नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। 

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