Friday, Jan 21, 2022
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फेलोशिप वापसी मामले पर जेएनयू ने दिया स्पष्टीकरण, हम नहीं कर रहे रिकवरी

  • Updated on 11/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) ने उस खबर का खंडन करते हुए सोमवार को बयान जारी किया जिसमें विवि. पर कुछ छात्रों द्वारा आरोप लगाया गया था कि विवि. नॉन नेट फेलोशिप रिसर्च स्कॉलर्स से फेलोशिप की रिकवरी कर रहा है। विवि. रजिस्ट्रॉर ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि छात्रों से फेलोशिप के पैसे वापस मांगने की खबरें भ्रामक हैं। जेएनयू यूजीसी द्वारा बनाए नियमों के मुताबिक एमफिल और पीएचडी छात्रों को नॉन नेट फेलोशिप प्रदान करता है।

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कहा, जेआरएफ में यूजीसी सीधे छात्रों के खाते में जमा करता है पैसा 
जबकि जेआरएफ के योग्य छात्र को यूजीसी द्वारा सीधे राशि उसके अकाउंट में भेजी जाती है। विवि. केवल जेआरएफ छात्रों के दस्तावेज जांच कर उन्हें यूजीसी पोर्टल पर फेलोशिप के लिए अपलोड करता है। क्योंकि छात्रों को एमफिल, पीएचडी के दौरान अधिकतम 5 वर्ष के लिए स्कॉलरशिप देने का प्रावधान है। छात्रों को जेआरएफ स्कॉलरशिप को उसकी एमफिल पीएचडी प्रोग्राम के दौरान 5 वर्ष तक लेने की अनुमति तभी दी जाती है जब वह नॉन नेट फेलोशिप के रूप में प्राप्त धनराशि को वापस कर देता है। इस दौरान छात्र कोई नौकरी करने का अधिकारी नहीं होता है।

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