Wednesday, Jan 22, 2020
jnu revised fee to be compared to other central universities

JNU संशोधित शुल्क की दूसरे केंद्रीय विवि से की जाए तुलना, जानें क्या है पूरी प्रक्रिया

  • Updated on 12/5/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति को जेएनयू (JNU) में दूसरी बार संशोधित की गई शुल्क संरचना को अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ तुलना करने का निर्देश दिया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने मंगलवार को लिखे एक पत्र में तीन सदस्यीय समिति को यह निर्देश दिया है।

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एचआरडी मंत्रालय ने पिछले हफ्ते सौंपी थी अपनी रिपोर्ट
अधिकारी ने कहा कि हमने इस विषय पर स्पष्टीकरण मांगा है। सदस्यों को विभिन्न विश्वविद्यालयों की शुल्क संरचना का विश्लेषण करना है और हमें उस बारे में जानकारी देनी है। उन्हे कोई समय सीमा नहीं दी गई है। गौरतलब है कि जेएनयू में सामान्य कामकाज को बहाल करने के लिए एचआरडी मंत्रालय द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

विश्वविद्यालय द्वारा घोषित यह दूसरी शुल्क वापसी
छात्रावास शुल्क में वृद्धि को लेकर विश्वविद्यालय में जेएनयू प्रशासन और छात्रों के बीच गतिरोध चल रहा है। जेएनयू ने इस मुद्दे पर गौर करने के लिए सात सदस्यीय एक आंतरिक समिति गठित की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में सेवा शुल्कों में 50 प्रतिशत रियायत और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के छात्रों के लिए 75 प्रतिशत रियायत की सिफारिश की है। विश्वविद्यालय द्वारा घोषित यह दूसरी शुल्क वापसी है।

जेएनयू छात्र संघ ने सेमेस्टर परीक्षा को बहिष्कार करने का लिया फैसला
पहली शुल्क वापसी की मध्य नवम्बर में घोषणा की गई थी। हालांकि छात्रों ने दोनों ही शुल्क वापसी को खारिज कर दिया है और शुल्क वृद्धि के खिलाफ महीने भर से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। जेएनयू छात्र संघ ने कहा है कि सभी 17 (अध्ययन) केंद्रों ने सेमेस्टर परीक्षा का बहिष्कार करने का फैसला किया है जोकि 12 दिसम्बर से शुरू होनी हैं।

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