Monday, Apr 23, 2018

JNU में 75 फीसदी हाजिरी अनिवार्य करने के खिलाफ उठने लगी आवाजें, हड़ताल पर उतरे छात्र

  • Updated on 1/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश की राजधानी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्र-छात्राओं के लिए 75 फीसदी हाजिरी अनिवार्य करने के खिलाफ यूनिवर्सिटी परिसर में माहौल बनना शुरू हो गया है। छात्र-छात्राओं ने इस फैसले के खिलाफ हड़ताल का ऐलान किया है। 

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नाराज छात्रों ने सोमवार से कोई भी क्लास में नहीं जाने का फैसला किया है। सैंकड़ों की तादाद में छात्रों ने अपने हॉस्टलों के बाहर विरोध-प्रदर्शन करना शुरू भी कर दिया है। छात्रों ने इस तरह के सख्त नियम की कड़ा आलोचना की है। 

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बता दें कि जूएनयू प्रशासन की ओर से 22 दिसंबर को एक सर्कुलर जारी किया गया था। जिसके मुताबिक शीतकालीन सत्र 2018 से छात्रों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। 

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इसके साथ ही इसमें बताया गया है कि बीए, एमए, एमफिल और पीएचडी समेत सभी विभागों के छात्र-छात्राओं के लिए हाजिरी जरूरी होगी। इसके अलावा पार्ट टाइम प्रोग्राम से जुड़े छात्रों के लिए 60 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होना जरूरी है। 

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सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि एमफिल और पीएचडी छात्र अपने पर्यवेक्षक की इजाजत के बिना 30 दिनों की अकादमिक छुट्टी भी नहीं ले सकेंगे। छात्रों के साथ जेएनयू शिक्षक संगठन ने भी प्रशासन के इस सख्त फैसले को बेकार करार देते हुए इसका बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
 

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