Thursday, Feb 25, 2021
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jnu students union jnusu challenged decision hostel manual in delhi high court

JNU छात्र संघ ने हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को कोर्ट में दी चुनौती

  • Updated on 1/21/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) ने इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) के हॉस्टल मैनुअल में संशोधन करने के फैसले को मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी। इस संशोधन में फीस में बढ़ोतरी का प्रावधान है। याचिका जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष और उनके अन्य पदाधिकारियों साकेत मून, सतीश चंद्र यादव और मोहम्मद दानिश ने दाखिल की। 

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याचिका में 28 अक्टूबर 2019 को जारी आईएचए की कार्यवाही के विवरण, 24 नवंबर, 2019 को गठित उच्च स्तरीय समिति के अधिकार क्षेत्र और उसकी सिफारिशों पर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि आईएचए के फैसले दुर्भावनापूर्ण, मनमाने, अवैध और छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले हैं।

पोखरियाल बोले- अब कुलपति को हटाने की मांग उचित नहीं 
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों की मूल मांग मान ली गई है और अब कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की मांग उचित नहीं है। पोखरियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्थिति अब सामान्य हो रही है। 

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पिछले साल अक्टूबर में जेएनयू प्रशासन ने छात्रावास की फीस बढ़ोतरी और साथ ही सेवा और उपयोगिता शुल्क लगाने का ऐलान किया था। इसके बाद छात्रों ने इस फीस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। एचआरडी मंत्रालय ने परिसर में सामान्य स्थिति बहाल करने के मकसद से आंदोलनकारी छात्रों और प्रशासन के बीच मध्यस्थता करने के लिए तीन सदस्यों का एक पैनल बनाया।

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पोखरियाल ने बताया, 'छात्रावास फीस बढ़ोतरी के बारे में छात्रों की मूल मांग मान ली गई है। जेएनयू के वीसी को हटाने की मांग अब उचित नहीं है।' उन्होंने कहा, 'जेएनयू के करीब 80 प्रतिशत छात्रों ने अगले सेमेस्टर के लिए पंजीकरण करा लिया है। किसी को भी उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए, जो पढऩा चाहते हैं। अगर हमारे विश्वविद्यालय को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्टता हासिल करनी है तो इन मुद्दों से ऊपर उठना होगा।' 

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फीस बढ़ोतरी सहित हॉस्टल मैनुअल में संशोधन के खिलाफ जेएनयू छात्र संघ के अदालत में जाने और सेमेस्टर पंजीकरण प्रक्रिया के बहिष्कार के सवाल पर उन्होंने कहा, 'इस पर आगे क्या कदम उठाना है, यह विश्वविद्यालय को तय करना है।' जेएनयू छात्र संघ ने इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) के हॉस्टल मैनुअल में संशोधन करने के फैसले को मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी। इस संशोधन में फीस में बढ़ोतरी का प्रावधान है।

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