Sunday, Feb 05, 2023
-->
JNU to set up study center to study 1947 partition: VC

1947 के बंटवारे के अध्ययन के लिए जेएनयू अध्ययन केंद्र स्थापित करेगा : कुलपति

  • Updated on 8/21/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धुलिपुडि़ पंडित ने रविवार को कहा कि विवि. 1947 के विभाजन का गहराई से अध्ययन करने के लिए एक केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहा है। जिसके लिए जेएनयू विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) और शिक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजेगा।

23 से जेईई एडवांस अभ्यर्थियों को मिलेंगे एडमिट कार्ड

जेएनयू के अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के अंतर्गत शुरू होगा यह अध्ययन केंद्र 
यह सेंटर विभाजन और उससे जुड़ी आम आदमियों की कहानियों पर अनुसंधान करेगा। जो लोग इस विभाजन में प्रभावित हुए उनपर भी अनुसंधान किया जाएगा। जेएनयू इसके लिए नए कोर्स लेकर आएगा। साथ ही यह सेंटर उन लोगों पर भी अध्ययन करेगा जिन्हें विभाजन के दंश के कारण अपना घर वार छोड़कर जाना पड़ा और उन्हें शरणार्थी बनना पड़ा।

इस हफ्ते जारी होगी नीट यूजी आंसर की

अध्ययन में 1947 के विभाजन के कारण लोगों को हुए दर्द को भी समझा जाएगा 
कुलपति ने कहा कि इस केंद्र को जेएनयू के अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के अंतर्गत शुरू किया जाएगा। क्योंकि इस विभाजन का असर पूरे दक्षिण एशिया पर हुआ था। इस अध्ययन से उच्च शिक्षण संस्थान इतिहास के इस गैप को भर सकेंगे। इस अध्ययन में 1947 में विभाजन के कारण लोगों के दर्द को समझा जाएगा। हम उन पत्रों का भी अध्ययन करेंगे जो 1947 में लोगों ने एक दूसरे को लिखे। सेंटर में होने वाले इस अनुसंधान से शरणार्थी स्टडीज को भी मदद मिलेगी।

विदेश में नौकरी के लिए जेएनयू तैयार करेगा डेटावेस

सेंटर का नाम पटेल या मुखर्जी के नाम पर हो सकता है 
क्योंकि इस अध्ययन से कहीं शरण लेने वाले लोगों के बारे में और अधिक प्रभावी व सटीक जानकारी सामने आएगी। इस सेंटर का नाम भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल या फिर जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जा सकता है। इन दोनों का ही विभाजन पर एक अलग स्टैंड रहा है। बता दें हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने भी इस तरह के एक सेंटर को शुरू करनी की घोषणा की है।
 

comments

.
.
.
.
.