Thursday, Jan 27, 2022
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JNU में हिंसा के खिलाफ कई शहरों में नाराजगी, बेंगलूरु और हैदराबाद में प्रदर्शन

  • Updated on 1/6/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी दिल्ली (Delhi) की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जेएनयू (JNU) में हुई हिंसा से पूरा देश हैरान है। रविवार शाम जेएनयूएसयू (छात्र संगठन) और एबीवीपी (ABVP) के बीच जमकर मारपीट हुई। हंगामा इतना बढ़ा कि छात्र गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। लाठी डंडों और लोहे की सरिया लेकर आए करीब एक दर्जन नकाबपोश गुंडे परिसर में घुसे और उन्होंने छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष समेत प्रोफेसर सुचित्रा पर हमला किया। वहीं इस हमले में लगभग 36 से अधिक छात्र-छात्राएं घायल हो गए, जिन्हें एम्स और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो की हालत बहुत गंभीर है। इसके खिलाफ बेंगलुरु और हैदराबाद समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

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बेंगलुरु में भी प्रदर्शन
कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरु (Bengaluru) के टाउन हॉल में जेएनयू हिंसा को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

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हैदराबाद में प्रदर्शन
जेएनयू हिंसा के खिलाफ हैदराबाद (Hyderabad) के उस्मानिया यूनिवर्सिटी में प्रगतिशील लोकतांत्रिक छात्र संघ कार्यकर्ताओं (PDSU) ने प्रदर्शन किया।

JNUSU के समर्थन में आई कई यूनिवर्सिटी
जेएनयू हिंसा के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी समेत कई विश्वविद्यालयों के छात्र दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। वहीं इसके खिलाफ कई यूनिवर्सिटी के छात्र और अध्यापक जेएनयू छात्र संघ के समर्थन में आ गए हैं। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर इस हिंसका घटना का कड़ा विरोध जताया। 

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मुंबई में मोमबत्ती जलाकर किया विरोध
मुंबई (Mumbai) में विभिन्न कॉलेजों के छात्र रविवार देर रात जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में 'गेटवे ऑफ इंडिया' (Gateway of India) पर एकत्र हुए। जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और कुणाल कामरा समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने जेएनयू के छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मोमबत्ती जलाईं।

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कोलकता में भी प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर कोलकाता (Kolkata) की जादवपुर यूनिवर्सिटी (Jadavpur University) के छात्रों और अध्यापकों ने भी प्रदर्शन किया और JNUSU के साथ एकजुटता दिखाई। एएमयू (AMU) छात्रों ने रविवार को इस घटना के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। दूसरी ओर एएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने जेएनयू में हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

जादवपुर यूनिवर्सिटी के टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव पार्थ प्रतीम रॉय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। वहीं उन्होंने जेएनयू में हालात सामान्य करने और हिंसा रोकने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

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AMU में निकाला विरोध मार्च
जेएनयू में रविवार को हिंसा होने की खबरों के बाद एएमयू में छात्रों ने इसका विरोध किया। एएमयू में प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रवक्ता ने बताया कि जेएनयू में नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों द्वारा छात्रों के साथ मारपीट किए जाने की घटना में पीड़ित छात्रों के साथ सहानुभूति जताने के लिए एएमयू में विरोध मार्च किया गया। एएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने जेएनयू में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की। 

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छात्रों से मिलने एम्स पहुंची प्रियंका
कांग्रेस (Congress) की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) जेएनयू परिसर में हुई हिंसा में घायल छात्रों से मुलाकात करने के लिए एम्स (Aiims) अस्पताल पहुंचीं। मुलाकात के बाद प्रियंका ने ट्वीट किया कि एम्स ट्रामा सेंटर में छात्रों ने उन्हें बताया कि कुछ गुंडे कैंपस में घुस आए और डंडों एवं अन्य हथियारों से उन पर हमला किया। कई छात्रों की हड्डियां टूट गई और कई के सिर पर चोट आई। एक छात्र ने कहा कि पुलिस ने उसके सिर पर कई बार पैर से मारा। 

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रविवार शाम 4:30 बजे भिड़े छात्र
रविवार को जब शीतकालीन सत्र के लिए पंजीकृत हो चुके छात्रों ने इन स्कूल बिंल्डिगों में प्रवेश करना चाहा तो प्रदर्शनकारी छात्रों ने इन्हें शारीरिक रूप से क्षति पहुंचाई। रविवार शाम 4:30 बजे जो छात्र रजिस्ट्रेशन के खिलाफ थे, उनका एक ग्रुप प्रशासनिक भवन के सामने से निकला। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन संघर्ष शुरू हो गया।

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