Thursday, Jun 24, 2021
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जीत की तरफ बढ़ते जो बाइडन के US राष्ट्रपति बनने से पाकिस्तान को होगा बड़ा फायदा, एक नजर....

  • Updated on 11/5/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अमेरिका को जल्द ही अपना नया राष्ट्रपति मिलने जा रहा है। हालांकि अभी भी डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) और जो बाइडन (Joe Biden) में से कौन सत्ता में आएगा यह तय नहीं हो पाया है लेकिन पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि अमेरिका को जो बाइडन के रूप में एक नया चेहरा मिले। 

दरअसल, पाकिस्तान को डोनाल्डा ट्रंप के कई फैसलों से दिक्कतें झेलनी पड़ी है। ट्रंप की डिप्लोमेसी के चलते पाकिस्तान को व्यापार, कई महत्वपूर्ण समझौतों और दूसरे देशों से आपसी संबंधों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। जबकि बाइडन को लेकर पाकिस्तान काफी सकारात्मक है।

पाकिस्तान मानता है कि बाइडेन पुराने डिप्लोामेट हैं और दांव-पेंच खेलने में माहिर हैं। पाकिस्ताननी विश्लेषकों को भी यह लगता है कि बाइडन के आने से दोनों देशों के रिश्तों  का पुराना दौर लौट आएगा। लेकिन सिर्फ इतना भर ही नहीं बाइडन के लिए पाकिस्तान अमेरिका में जो बाइडन को चाहता है जिसके पीछे यह वजहें भी हो सकती हैं, आइए समझें…

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बाइडन को पाक का सर्वोच्च सम्मान 
पाकिस्तान ने बाइडन को अपने दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'हिलाल-ए-पाकिस्तान' से सम्मानित किया है। ये सम्मान उन्हें 2008 में दिया गया था। उससे पहले ही जो बाइडन और सीनेटर रिचर्ड लुगर पाकिस्तान को हर साल डेढ़ बिलियन डॉलर की गैर-सैन्य मदद देने का ऑफर भी लाए थे। जो बाइडन के साथ ही लुगर को भी 'हिलाल-ए-पाकिस्तान' सम्मान दिया गया था। उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी थे और उन्होंने दोनों नेताओं का पाकिस्तान का साथ देने के लिए शुक्रिया अदा किया था। ऐसे संबंधों के बाद जब डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से मुंह मोड़ लिया तब पाकिस्तान तो यही चाहता है कि जो बाइडन सत्ता में आएं।

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कश्मीर पर बाइडन का मत 
कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत विरोधी बयान जो बाइडेन के चुनाव प्रचार में सामने आ चुके हैं। उनकी टीम ने मुस्लिम अमरीकियों के लिए प्रचार करते हुए कश्मीर के मुस्लिमों की तुलना बांग्लादेश के रोहिंग्या और चीन में उइगर मुसलमानों से की थी। सिर्फ बाइडन ही नहीं बल्कि उनकी डेप्युटी कमला हैरिस भी कश्मीर में दखल देने की बात कर चुकी हैं। पाकिस्तान भी यही चाहता है कि कश्मीर का मुद्दा अमेरिका भी उठाए और भारत पर दबाव बनाए। जाहिर है कि इसलिए भी जो बाइडन को लेकर पाक उम्मीद लगाए बैठा है।

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मुस्लिम देशों के लिए उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रेपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार पाकिस्तान को सार्वजनिक मंचों से लताड़ा है। जिससे पाकिस्तान खार खाए बैठा है। ट्रंप के 4 साल के कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध काफी बिगड़ गए। इस बारे में पाकिस्तानी विश्लेषक कहते हैं कि अगर ट्रंप दूसरे कार्यकाल के लिए आते हैं तो वो फिर आत्मविश्वास बढ़ने पर पाकिस्तान जैसे मुस्लिम बहुल देशों को निशाना बना सकते है। ट्रंप पहले ही मुस्लिम देशों से आने वाले नागरिकों के लिए नए कानून बना चुके हैं। इसलिए भी पाकिस्तान चाहता है कि जो बाइडन ही अमेरिका के नए राष्ट्रपति बनकर आए।

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