Tuesday, Dec 07, 2021
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US Election: संघर्षपूर्ण रही है जो बाइडेन की जिंदगी, परिवार के बाद खुद को संभालते हुए लड़ा था चुनाव

  • Updated on 11/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव  (US election) में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो  बाइडेन अपने प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप से काफी आगे निकल चुके हैं और अब लगभग तय हो गया है कि बाइडेन ही अमेरिका के अगले राष्ट्रपति होंगे। इस बार के चुनावी सर्वे में जो बाइडेन आगे रहे हैं। अब तक किसी भी उम्मीदवार ने 270 का आंकड़ा नहीं छुआ था लेकिन जो बाइडेन इस आंकड़े को पार करने वाले हैं। 

जो बाइडेन ने 1972 में अपना राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अमेरिका के 47वें उप राष्ट्रपति का पद संभाला था।  अब अगर वो अमेरिका के राष्ट्रपति बनते है तो, वो अमेरिकी इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे। जो बाइडन 78 साल के है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि अमेरिकी सियासत में जो बाइडन के नाम से फेमस बाइडन का पूरा नाम जोसेफ रॉबिनेट बाइडन जूनियर है। बाइडन का जन्म अमेरिका के पेंसिलवेनिया राज्य के स्कैंटन में हुआ था। बाइडन अपने स्कूल ऐज में ही डेलवेयर चले गए थे।

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ऐसे हुई थी शुरुआत 
वैसे तो जो बाइडेन ने बतौर वकील अपने करियर को शुरू किया था लेकिन उन्हें राजनीति में आना था और इसीलिए उन्होंने साल 1972 में वो पहली बार चुनाव लड़ा और डेलावेयर की न्यू काउंटी से चुने गए। वर्ष 1972 में पहली बार डेवावेयर से सीनेट के लिए चुने गए थे। जिसके बाद से बाइडन 2009 तक छह बार सीनेटर रह चुके हैं। इसी साल वो बराक ओबामा के प्रशासन में उपराष्ट्रपति बने थे जिसके कारण सीनेटर का पद छोड़ना पड़ा था। उन्होंने बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते हुए अमेरिका के 47वें उप राष्ट्रपति का पद संभाला था।

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3 बार आजमाई किस्मत
अपने राजनीतिक करियर में जो बाइडेन ने तीन बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश करते हुए अपना सिक्का आजमाया था, लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया। बाइडेन ने  सबसे पहले 1987 में राष्ट्रपति पद के लिए कोशिश की थी जब उन्होंने डेमोक्रेट्स की ओर से प्राइमरी की लड़ाई लड़ी थी। साल 1988 में चुनाव के लिए बाइडेन ने प्रचार करना शुरू किया लेकिन उनपर भाषण चोरी करने का आरोप लग गया। इसके बाद उनकी तवियत बिगड़ गई और सर्जरी होने के कारण उन्हें कैंपेन वापस लेना पड़ा।  

इसके बाद, राष्ट्रपति चुनाव के लिए 2016 में उन्होंने कैंपेन शुरू किया लेकिन 2015 में बेटे की मौत ने उन्हें तोड़ दिया और उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया। इसक बाद उन्होंने खुद को बदला और अब तीसरी बार 2020 में अपनी किस्मत आजमाई, जिसमें वो सफल रहे।

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दुर्घटना में परिवार की मौत
जो बाइडन का निजी जीवन काफी कष्टमय रहा है। बाइडन का की पत्नी और बेटी की वर्ष 1972 में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद ही उनके बेटे का ब्रेन कैंसर से निधन हो गया था। इन घटनाओं से बाइडन को उबरने में काफी समय लगा। लेकिन इन हादसों की वजह से उनकी सोच पर काफी गहरा असर पड़ा। बाइडन के करीबी मानते हैं कि निजी जीवन में तकलीफे होने के बाद ही बाइडन ने स्वास्थ्य योजनाओं के होने पर काफी जोर दिया। उन्होंने इसे चुनावी एजेंडा बनाया।

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बराक ओबामा के ‘ब्रदर’ 
जो बाइडेन ने साल 2008 में डेमोक्रेट्स की ओर से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने की शुरुआत की थी लेकिन फिर उन्होंने बराक ओबामा का समर्थन कर दिया और इसके बाद उन्हें वाइस प्रेसिडेंट पद दिया गया। इस दौरान करीब आठ साल तक जो बाइडेन ने 50 देशों का दौरा किया। उनके काम और उनके सहयोग के चलते ही बराक ओबामा ने उन्हें ‘ब्रदर वाइस प्रेसिडेंट’ की उपाधि दी थी।  

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