Tuesday, Jan 31, 2023
-->
justice kaul recuses himself from hearing pleas related to extension of service of ed director

न्यायमूर्ति कौल ने ED निदेशक के सेवा विस्तार से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग किया

  • Updated on 11/18/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. के. कौल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक का कार्यकाल बढ़ा कर पांच साल तक करने के संशोधित कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से शुक्रवार को खुद को अलग कर लिया। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही ईडी प्रमुख के रूप में संजय कुमार मिश्रा को फिर से एक साल का कार्यकाल विस्तार दिया गया था।

हालांकि, न्यायाधीश ने खुली अदालत में अपने फैसले संबंधी घोषणा के लिए कोई कारण नहीं बताया, लेकिन शीर्ष न्यायालय ने पिछले साल यह स्पष्ट कर दिया था कि मिश्रा का कार्यकाल और नहीं बढ़ाया जा सकता। न्यायमूर्ति कौल और न्यायमूर्ति ए एस ओका की पीठ प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुखों को कार्यकाल विस्तार देने के विवादास्पद मुद्दों पर दायर याचिकाओं की सुनवाई कर रही है।

न्यायमूर्ति कौल ने आदेश दिया कि विषय को उस पीठ में सूचीबद्ध किया जाए, जिसके वह सदस्य नहीं हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए पीठ को बताया कि केंद्र ने शीर्ष न्यायालय में लंबित याचिकाओं को नाकाम करने के लिए ईडी के मौजूदा निदेशक मिश्रा का कार्यकाल फिर से बढ़ाया है। पीठ ने कहा, ‘‘चूंकि पक्षकारों के वकील ने विषय में कुछ तात्कालिकता का उल्लेख किया है, इसलिए विषय को आवश्यक आदेशों के लिए प्रधान न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा।''

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और जया ठाकुर, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और साकेत गोखले द्वारा दायर याचिकाओं सहित याचिकाओं का एक समूह सुनवाई के लिए पीठ के समक्ष आया था। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को मिश्रा को एक साल का कार्यकाल विस्तार दिया। भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी को इस पद पर तीसरी बार यह कार्यकाल विस्तार मिला है।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी मिश्रा 18 नवंबर 2023 तक पद पर रहेंगे। मिश्रा (62) को 19 नवंबर 2018 को दो साल के लिए ईडी का निदेशक नियुक्त किया गया था। बाद में, 13 नवंबर 2020 को जारी एक आदेश में केंद्र सरकार ने नियुक्ति पत्र को संशोधित कर दिया और उनके दो साल के कार्यकाल को बदल कर तीन साल कर दिया गया। सरकार ने पिछले साल एक अध्यादेश जारी किया था, जिसके तहत ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रमुखों के कार्यकाल को दो साल के कार्यकाल के बाद तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। 

comments

.
.
.
.
.