Monday, Oct 03, 2022
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#JNUViolence के बाद कैलाश सत्‍यार्थी ने प्रधानमंत्री मोदी से की यह अपील

  • Updated on 1/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हिंसा पर दुख जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में भय के माहौल के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को देश के छात्र संगठनों के साथ सीधा संवाद करना चाहिए।

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सत्यार्थी ने एक बयान में कहा, "जेएनयू में नकाबपोश उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा बेहद दुखद है। यदि जामिया व जेएनयू के छात्रावासों में हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो इससे कायदा शर्मनाक बात नहीं हो सकती। हमलावर जो भी हों, छात्र नहीं हो सकते। देश के सभी छात्र संगठन हिंसा का विरोध करें।" उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालयों में बढ़ रही हिंसा, अराजकता और भय के मद्देनकार, मैं आदरणीय भाई नरेंद्र मोदी से आग्रह करता हूं कि वे तुरंत देश भर के विश्वविद्यालयों के छात्र संघों और राष्ट्रीय छात्र संगठनों से सीधा संवाद करें।"

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गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात उस वक्त हिंसा भड़क गई थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हुए। वाम नियंत्रित जेएनयूएसयू (JNUSU) और आरएसएस (RSS) से संबद्ध एबीवीपी (ABVP) इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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जब यहां शांति रूप से धरना चल रहा था उसे लाठी डंडों के साथ आए लोगों ने तहस-नहस कर दिया। कुर्सियों को तोड़ा और शिक्षकों पर पत्थर बरसाए। 3 जनवरी से विवि. में जेएनयू वीसी की अध्यक्षता में लगातार हिंसा की जा रही है। हम वीसी से इस्तीफा देने की मांग करते हैं। उन्होंने जिस सुरक्षा एजेंसी को जिम्मा दिया है वह विवि. में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने में नाकाम रही है। जेएनयूटीए सचिव सुरोजीत मजूमदार ने कहा कि जेएनयू प्रशासन ने रविवार को हुई घटना के लिए आंदोलनकारियों को जिम्मेदार माना है। 

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