Thursday, Jan 21, 2021

Live Updates: Unlock 8- Day 20

Last Updated: Wed Jan 20 2021 09:36 PM

corona virus

Total Cases

10,606,215

Recovered

10,256,410

Deaths

152,802

  • INDIA10,606,215
  • MAHARASTRA1,994,977
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA931,997
  • KERALA911,382
  • TAMIL NADU832,415
  • NEW DELHI632,821
  • UTTAR PRADESH597,238
  • WEST BENGAL565,661
  • ODISHA333,444
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • RAJASTHAN314,920
  • JHARKHAND310,675
  • CHHATTISGARH293,501
  • TELANGANA290,008
  • HARYANA266,309
  • BIHAR258,739
  • GUJARAT252,559
  • MADHYA PRADESH247,436
  • ASSAM216,831
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB170,605
  • JAMMU & KASHMIR122,651
  • UTTARAKHAND94,803
  • HIMACHAL PRADESH56,943
  • GOA49,362
  • PUDUCHERRY38,646
  • TRIPURA33,035
  • MANIPUR27,155
  • MEGHALAYA12,866
  • NAGALAND11,709
  • LADAKH9,155
  • SIKKIM5,338
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,983
  • MIZORAM4,322
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,374
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
kangana ranaut bollywod gets relief from bombay high court in communal tweet case rkdsnt

कंगना रनौत को सांप्रदायिक ट्वीट मामले में हाईकोर्ट से मिली राहत

  • Updated on 11/24/2020


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सांप्रदायिक ट्वीट के आरोप मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से बड़ी राहत मिल गई है। हाई कोर्ट ने कंगना को अंतरिम सुरक्षा दे दी है।

AAP ने दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब, हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को ठहराया जिम्मेदार

कंगना और उनकी बहन रंगोली चंदेल (Rangoli Chandel) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की एफआईआर रद्द करने की गुजारिश की थी। ये एफआईआर सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के जरिए समाज में नफरत और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के आरोप में दर्ज की गई थी।

साथ ही कंगना को आठ जनवरी को मुंबई पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का भी निर्देश दिया। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए कथित रूप से ‘‘घृणा और साम्प्रदायिक तनाव’’ फैलाने का आरोप लगाते हुए रंगोली और चंदेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर बांद्रा की मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था। 

जस्टिस एस. एस. शिंदे और जस्टिस एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ ने रनौत और चंदेल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की जिसमें दोनों ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और 17 अक्टूबर के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया है। अदालत ने कहा कि पुलिस ने तीन सम्मन जारी किए हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। 

रनौत और चंदेल के वकील रिजवान सिद्दीकी ने इसपर अदालत को आश्वासन दिया कि दोनों बहने अपने बयान के मुताबिक आठ जनवरी को दोपहर 12 से 2 बजे तक मुंबई में बांद्रा पुलिस के समक्ष उपस्थित होंगी। अदालत ने उनके इस बयान को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने कहा, ‘‘पहली नजर में हमारा मानना है कि जबतक मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं हो जाती अंतरिम राहत देना जायज है। पुलिस आवेदकों (रनौत और चंदेल) की गिरफ्तारी के साथ-साथ अन्य कोई दंडात्मक कार्रवाई ना करे।’’ 

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि इस मामले में राजद्रोह का आरोप क्यों लगाया गया है। जस्टिस शिंदे ने सवाल किया, ‘‘राजद्रोह का आरोप क्यों लगाया गया है? हम अपने देश के नागरिकों के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं?’’ अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तारीख तय करते हुए कहा कि वह अगली सुनवाई के दिन इसपर विस्तार से विचार करेगी। 

राहुल गांधी ने कोरोना वैक्सीन, पीएम केयर्स फंड को लेकर पीएम मोदी पर दागे 4 सवाल

 

 

यहां पढ़े कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरें...

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.