Tuesday, Jun 22, 2021
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kapil sibal attack on sonia and rahul gandhi said- defeat in election pragnt

कपिल सिब्बल का सोनिया-राहुल पर करारा हमला, कहा- चुनाव में हार इनके लिए सामान्‍य घटना

  • Updated on 11/16/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बिहार विधानसभा समेत 11 राज्यों के उपचुनावों में कांग्रेस की खराब परफॉर्मेंस को लेकर पार्टी की हर जगह किरकिरी हो रही है। अब इस मामले में कांग्रेस (Congress) के अंदर से ही आवाज उठने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और आलाकमान को आत्ममंथन की सलाह दी है।

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सिब्बल ने सोनिया-राहुल पर साधा निशाना
बिहार में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर (Tariq Anwar) के बाद वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में सिब्बल ने कहा कि देश के लोग, सिर्फ बिहार में ही नहीं, बल्कि जहां भी उपचुनाव हुए, वहां उन्होंने स्पष्ट रूप से कांग्रेस को एक प्रभावी विकल्प नहीं माना। यह एक निष्कर्ष है। आखिर बिहार में विकल्प राजद ही था।

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कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह
उन्होंने कहा, 'हम गुजरात में सभी उपचुनाव हार गए। लोकसभा चुनाव में भी हमने वहां एक भी सीट नहीं जीती थी। उत्तर प्रदेश के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में, उप-चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवारों को 2 फीसदी से भी कम वोट मिले। गुजरात में हमारे तीन उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इसलिए दीवार पर इबारत लिखी हुई है। उन्होंने तारीक अनवर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस आत्ममंथन करेगी। बता दें कि तारीक अनवर ने भी कांग्रेस के अंदर मंथन की उम्मीद जताई है।'

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आलाकमान को कमजोरियों की जानकारी
सिब्बल ने कहा कि अगर छह साल तक कांग्रेस ने आत्ममंथन नहीं किया तो अब इसकी क्या उम्मीद है? हमें पता है कि कांग्रेस की क्या कमजोरियां है। संगठनात्मक रूप से, हम जानते हैं कि क्या गलत है। मुझे लगता है कि हमारे पास सभी समाधान हैं। कांग्रेस पार्टी खुद ही सारे जवाब जानती है। लेकिन वो उन समाधानों को स्वीकारना नहीं चाहती हैं। यदि वो उन समाधानों को नहीं पहचानते हैं, तो ग्राफ में गिरावट जारी रहेगी। यह कांग्रेस की दुर्दशा की स्थिति है जिससे हम सब चिंतित हैं।

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CWC में सुधार की जरूरत
कपिल सिब्बल से जब पूछा गया कि अगर कांग्रेस नेतृत्व को समाधान पता है तो शीर्ष नेतृत्व इसे अपनाने से कतराते हैं? इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य नॉमिनेटेड हैं। सीडब्ल्यूसी के संविधान में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अपनाया जाना चाहिए, जो कांग्रेस के संविधान के प्रावधानों में ही परिलक्षित होता है। आप नामित सदस्यों से यह सवाल उठाने की उम्मीद नहीं कर सकते कि आखिर पार्टी हर चुनाव में कमजोर क्यों हो रही है?

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पहले भी सवाल उठा चुके हैं सिब्बल
मालूम हो कि कपिल सिब्बल समेत 22 वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में बड़े बदलावों की मांग की थी। इस बारे में सिब्बल ने कहा, 'तब से अब तक इस विषय में कोई बातचीत नहीं हुई है और पार्टी नेतृत्व द्वारा बातचीत के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। चूंकि मेरे विचार व्यक्त करने के लिए कोई मंच नहीं है, इसलिए मैं उन्हें सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने के लिए विवश हूं। मैं एक कांग्रेसी हूं और एक कांग्रेसी रहूंगा और आशा करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि कांग्रेस फिर से खड़ी हो और राष्ट्र निर्माण को लेकर अपने मूल्यों को आगे बढ़ाए। बता दें कि इस पत्र को लेकर सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में जमकर हंगामा हुआ था। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने चिट्ठी लिखने वाले नेताओं को बीजेपी के मददगार बता दिया था। 

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जनता कांग्रेस को नहीं मान रही है विकल्प
इंटरव्यू में सिब्बल से जब कहा गया कि एक प्रभावी विकल्प नहीं होने के कारण... यह एक पार्टी के लिए बहुत बुरी स्थिति है, तब उन्होंने कहा कि यह भयानक खबर है। लंबे समय से, हम वैसे भी बिहार में एक प्रभावी विकल्प नहीं हैं। हम 25 साल से अधिक समय से उत्तर प्रदेश में एक विकल्प नहीं हैं। ये बड़े राज्य हैं। और यहां तक ​​कि गुजरात में भी, जहां हम तीसरी ताकत के अभाव में विकल्प हैं ... हमने लोकसभा की सभी सीटें खो दीं और वर्तमान उपचुनावों में हम बिल्कुल भी गोल नहीं कर पाए ... तो जाहिर है कि गुजरात के लोग हमें एक प्रभावी विकल्प पर विचार नहीं करें ... मध्य प्रदेश में, 28 उप-चुनावों में हमारे आठ उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।

कांग्रेस को सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए- तारिक अनवर
इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 19 सीटों पर सिमट जाने के बाद पार्टी महासचिव तारिक अनवर ने बृहस्पतिवार को कहा कि हमें इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए कि कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के कारण ही महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई और ऐसे में हमारी पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए कि चूक कहां हुई। तारिक अनवर ने ट्वीट किया था कि हमें सच को स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस के कमकाोर प्रदर्शन के कारण महागठबंधन की सरकार से बिहार महरूम रह गया। कांग्रेस को इस विषय पर आत्म चिंतन कारूर करना चाहिए कि उस से कहाँ चूक हुई?     

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AIMIM का बिहार में प्रवेश शुभ संकेत नहीं
उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम का बिहार में प्रवेश शुभ संकेत नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार चुनाव में भले ही भाजपा गठबंधन येन केन प्रकारेण चुनाव जीत गया,परन्तु सही में देखा जाए तो ‘बिहार’ चुनाव हार गया। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार परिवर्तन चाहता था और पांच वर्षों की निकम्मी सरकार से छुटकारा और बदहाली से निजात चाहता था। नीतीश कुमार पर तंज करते हुए अनवर ने कहा कि भाजपा की मेहरबानी रही तो नीतीश जी इस बार अंतिम रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।   

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125 सीटों पर एनडीए ने किया कब्जा
बिहार विधानसभा चुनाव में बेहद रोमांचक मुकाबले में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सीटों में से 125 सीटों पर कब्जा कर बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया जबकि महागठबंधन खाते में 110 सीटें आई। भाजपा की 74 और जद (यू) (JDU) की 43 सीटों के अलावा सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल ङ्क्षहदुस्तानी अवाम मोर्चा को चार और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को चार सीटें मिलीं।     

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राजद बनी सबसे बड़ी पार्टी
वहीं, विपक्षी महागठबंधन में राजद को 75, कांग्रेस को 19, भाकपा को 12 और भाकपा एवं माकपा को दो-दो सीटों पर जीत मिली। बिहार में कांग्रेस ने 70 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और उसे सिर्फ 19 सीटों पर जीत हासिल हुई । वहीं असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की । तारिक अनवर ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि चितंन तो होना चाहिए कि कहां चूक हुई । हम 50 सीट हार गए तो यह झटका है। उन्होंने कहा कि हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं और अपने विचार पार्टी नेतृत्व के सामने ही रखेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब जनादेश आ गया है और राजग को बहुमत मिला है तो इसे स्वीकार करना चाहिए।   

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