Wednesday, Feb 19, 2020
karnataka 16 mlas to hold bjps hand today after getting relief from supreme court

कर्नाटक के अयोग्य घोषित विधायक BJP में शामिल, रोशन बेग पर अभी फैसला नहीं

  • Updated on 11/14/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कर्नाटक (Karnataka) के 17 विधायकों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत मिलने के बाद आज उनमें से 16 विधायक बीजेपी (Bjp) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, प्रदेश भाजपा प्रमुख नलिन कुमार कतील और कर्नाटक के प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने इन विधायकों का पार्टी में स्वागत किया।

भाजपा का लक्ष्य उपचुनाव में 15 विधानसभा सीटों में से अधिकतर पर जीत दर्ज करने का है। इन सीटों पर उपचुनाव में इन विधायकों को ही पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। बहरहाल, शिवाजीनगर से कांग्रेस के अयोग्य ठहराए विधायक आर रोशन बेग बृहस्पतिवार को भाजपा में शामिल नहीं हुए। भाजपा सूत्रों ने बेग को लेकर पार्टी नेतृत्व द्वारा ‘आपत्तियां’ जताए जाने का हवाला दिया। बेग के खिलाफ आईएमए पोंजी घोटाला मामले में जांच चल रही है। दिलचस्प यह है कि सात बार विधायक रहे बेग ने बुधवार को दावा किया था कि वह अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे।

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कर्नाटक में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार द्वारा कांग्रेस-जद(एस) के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को बरकरार रखा लेकिन उनके उपचुनाव लड़ने का रास्ता साफ कर दिया।      न्यायालय ने आर रमेश कुमार के आदेश का वह हिस्सा निरस्त कर दिया जिसमें इन विधायकों को 15वीं विधानसभा के कार्यकाल के अंत तक के लिये अयोग्य घोषित किया गया था। कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 2023 तक है।

अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस के जो विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं उनमें प्रताप गौडा (मस्की), बी सी पाटिल (हिरेकेरूर), शिवराम हेब्बार (येल्लपुर), एस टी सोमशेखर (यशवंतपुर), बी. बासवराज (के आर पुरम), आनंद सिंह (विजयनगर), एन मणिरत्न (आर आर नगर), के सुधाकर (चिकबलपुर), एमटीबी नागराज (गोकक), महेश कुमारतली (अथानी) और आर शंकर (राणिबेन्नुर) शामिल हैं।

जद(एस) के जो अयोग्य विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं उनमें के गोपालैया (महालक्ष्मी लेआउट), ए एच विश्वनाथ (हुन्सुर) और के सी नारायण गौडा (के आर पेट) शामिल हैं। इन 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव पांच दिसंबर को होंगे। होस्कोटे में भाजपा के बागी और 2018 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले उम्मीदवार शरथ बाचेगौडा ने उपचुनाव निर्दलीय लड़ने का फैसला किया है और जद(एस) ने भी उनका समर्थन करने का इरादा जताया है।

कगवाड में पूर्व भाजपा विधायक राजू कागेने पार्टी छोडऩे और कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने का आश्वासन दिया है। भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए इन 15 में से कम से कम छह सीटों पर जीत की जरूरत होगी। इन विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले 17 निर्वाचन क्षेत्रों में से 15 पर उपचुनाव होंगे जबकि मस्की और आर आर नगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव पर रोक है क्योंकि उनके संबंध में मामले उच्च न्यायालय में लंबित हैं। इन 15 सीटों में से 12 सीटें कांग्रेस के पास और तीन जद(एस) के पास थीं।

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सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों के उपचुनाव लड़ने पर से हटाई रोक 
मालूम हो कि यह सभी 17 विधायक कांग्रेस और जेडीएस के है। जिन पर कर्नाटक सरकार के गठन के समय तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य करार दिया था। जिसको चुनौती देने के लिये सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।उस समय तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश के निर्णय पर भी सवाल उठा था। उन्होंने बागी विधायकों को अयोग्य भी ठहरा दिया था। जिसके बाद वे लोग सुप्रीम कोर्ट मामले को लेकर पहुंचे थे।

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लंबे समय तक चली सियासी उठापटक
मालूम हो कि कर्नाटक में लंबे चले सियासी उठापटक का अंत तब हुआ जब बीजेपी ने सरकार बनाई। उससे पहले सीएम कुमारस्वामी ने सरकार में बने रहने के लिये सभी हथकंडे अपनाए थे। तमाम आरोप-प्रत्यारोप के बीच सरकार बनाने के लिये विधायकों को कभी मुंबई और कभी गोवा पर भ्रमण तक ले जाया गया।    
 

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