Thursday, Jun 17, 2021
-->
karnataka-bed-scam-congress-demands-stunning-arrest-of-tejashwi-surya-bjp-mla-rkdsnt

बिस्तर घोटाला : कांग्रेस ने की तेजस्वी सूर्या, भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग

  • Updated on 5/6/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कर्नाटक में विपक्षी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा और यह आरोप लगाते हुए पार्टी सांसद तेजस्वी सूर्या और एक पार्टी विधायक की गिरफ्तारी की मांग की कि वे शहर में कोविड-19 रोगियों के लिए अस्पताल के बिस्तरों को अवरुद्ध करने के घोटाले के पीछे हैं। दक्षिण बेंगलुरु से भाजपा सांसद और युवा मोर्चा के अध्यक्ष सूर्या, बोमनहल्ली मे भाजपा विधायक एम सतीश रेड्डी और बसावनगुड़ी विधायक रवि सुब्रमण्या ने मंगलवार को बेंगलुरु में बिस्तर अवरुद्ध करने के घोटाले के बारे में दावा किया और उन कुछ मुसलमानों की संलिप्तता का संदेह जताया जिन्हें बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के कोविड वार रुम में तैनात किया गया है। 

रंगराजन बोले- मोदी सरकार को सभी के कोविड-19 टीकाकरण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए

मंगलवार को खुलासा ‘लाइव’ होने और सूर्या द्वारा उनका नाम पढऩे के बाद सुब्रमण्या ने बीबीएमपी अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘क्या आपने इन लोगों को मदरसे के लिए या निगम (बीबीएमपी) के लिए नियुक्त किया है?’’ इस पर रेड्डी को यह कहते हुए देखा गया कि उन्हें काम पर रखने के पीछे एक इरादा था और ये लोग इसके पीछे हैं। कांग्रेस ने मीडिया के एक वर्ग में आयी उन खबरों का हवाला देते हुए निशाना साधा जिनमें रेड्डी की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है।

 कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘‘यह उसी तरह से है कि ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।’ सच्चाई अब सामने आ गई है कि बिस्तर अवरुद्ध करने के मामले के पीछे भाजपा नेता हैं।’’ पार्टी ने कहा, ‘‘सतीश रेड्डी को गिरफ्तार किया जाए जो अपने समर्थकों की मदद से बिस्तर बुकिंग घोटाले का संचालन कर रहे थे और युवा सांसद (तेजस्वी सूर्या) जो उनके साथ थे तथा एक विस्तृत जांच की जाए।’’ सतीश रेड्डी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके।     इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने सूर्या पर हमला करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की।  

अखिलेश बोले- लोकतांत्रिक प्रणाली के खिलाफ साजिश कर रही है भाजपा, चुकानी पड़ेगी कीमत

भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष ने कहा, ‘‘तेजस्वी सूर्या द्वारा बीबीएमपी के अस्पताल बिस्तर बुकिंग घोटाले का पर्दाफाश करने के बाद, कुछ देर के लिए सभी चुप हो गए थे। अचानक सभी ने चिल्लाना शुरू कर दिया क्योंकि उन्होंने यह महसूस किया कि नाम एक ही समुदाय से थे। उनका धर्मनिरपेक्षता खतरे में था। कर्नाटक कांग्रेस के नेता विचार और क्रिया दोनों से दिवालिया हो गए हैं।’’ इस बीच, इन 17 मुसलमानों को काम पर रखने वाली एजेंसी ने कहा कि वे वार रूम में तैनात 214 लोगों में शामिल हैं। 

कंपनी के एक कार्यकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर पीटीआई-भाषा से कहा कि लोगों को काम पर रखने के लिए जाति और धर्म पर ध्यान नहीं दिया जाता है।      उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनसे (मुस्लिम कर्मचारियों) कहा है कि जब तक पुलिस जांच चल रही है उन्हें ‘वार रुम’ में नहीं रखा जाएगा, लेकिन हमने उन्हें निकाला भी नहीं है। वे तब तक हमारे कर्मचारी रहेंगे, जब तक कि वे किसी गलत कृत्य में लिप्त नहीं पाये जाते हैं।’’     राज्य में कोविड-19 संक्रमण के मामले और होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सरकार ने आदेश दिया है कि निजी अस्पतालों में भी कोविड-19 रोगियों के लिए 80 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित होने चाहिए। 

हालांकि, बहुत से लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें रिश्वत दिए बिना बिस्तर नहीं मिल रहे और वे अधित कीमत पर दवाएं खरीद रहे हैं। पुलिस ने कथित बिस्तर घोटाले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और 90 लोगों को रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कर्नाटक में कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है। बुधवार को 50,000 से अधिक संक्रमण के मामले सामने आये थे और 346 मरीजों की मौत हो गई थी। शहर में लगभग पांच लाख उपचाराधीन मामले हैं।

ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर केन्द्र के सुप्रीम कोर्ट जाने से हैरान है कांग्रेस 
कर्नाटक के तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन (एलएमओ) के कोटे को 965 मिट्रिक टन से बढ़ाकर 1200 मिट्रिक टन करने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केन्द्र की ओर से उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाए जाने पर कांग्रेस ने हैरानी व्यक्त की है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष डी के शिवाकुमार ने कहा कि इस मामले में केन्द्र के उच्चतम न्यायालय का रुख करने पर उन्हें हैरानी हुई है।  

कांग्रेस की मांग- विदेश मंत्री जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को बर्खास्त करें पीएम मोदी  

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कर्नाटक की प्रतिदिन एलएमओ की मांग 1471 मिट्रिक टन है जबकि केन्द्र की ओर से केवल 865 मिट्रिक टन ऑक्सीजन ही मिल रही है। शिवाकुमार ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ जब राज्य में लोग ऑक्सीजन की कमी से मर रहे हैं तो क्या मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और भारतीय जनता पार्टी के सांसद मूक दर्शक बने रहेंगे।’’ 

जानवरों में कोरोना वायरस को लेकर केंद्र ने साफ किया अपना रूख 

इस मामले पर हुई सुनवाई में केन्द्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूॢत डी वाई चंद्रचूड़ को बताया कि राज्य को इस समय 965 मिट्रिक टन एलएमओ की आपूर्ति की जा रही है और कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए।  

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.