Friday, Apr 03, 2020
karnataka congress not happy with supreme court verdict on karnataka crisis

कर्नाटक संकट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला खटक रहा है कांग्रेस को

  • Updated on 7/17/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कर्नाटक कांग्रेस ने बुधवार को राज्य के राजनीतिक संकट पर उच्चतम न्यायालय के आदेश को ‘‘खराब फैसला’’ करार दिया। पार्टी ने कहा कि फैसले को देखकर ऐसा लगता है कि यह बागियों को बचाने वाला और खरीद-फरोख्त को बढावा देने वाला है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख दिनेश गुंडू राव ने कई ट्वीट करके इसे ‘‘असामान्य आदेश’’ बताया। 

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उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को निर्देश दिया है कि कांग्रेस और जदएस के 15 बागी विधायकों को राज्य विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को 18 जुलाई को विधानसभा में शक्ति परीक्षण का सामना करना है। 

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राव ने ट्वीट किया, ‘‘ऐसा लगता है कि उच्चतम न्यायालय का आदेश बागी विधायकों के व्हिप का उल्लंघन करने में मदद के लिए ही तैयार किया गया है। यह एक गलत उदाहरण है क्योंकि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत व्हिप का मूल्य अब कुछ नहीं रह गया है। यह एक असामान्य आदेश है।’’

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उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय का फैसला अब विधायिका के अधिकार में अतिक्रमण कर रहा है। यह एक खराब फैसला है जिसमें ऐसा लगता है कि बागियों को बचाया गया है और यह खरीद-फरोख्त को बढावा देने वाला तथा शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत का उल्लंघन करने वाला है।’’ 

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प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन 15 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई की जिसमें विधानसभा अध्यक्ष को उनके विधानसभा से इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

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