Thursday, Jul 18, 2019

करोल बाग अग्निकांड, होटल मालिकों ने लाइसेंस के लिये जाली दस्तावेज दिये थे

  • Updated on 5/15/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  दिल्ली पुलिस (Delhi police) ने यहां एक अदालत को बताया कि करोल बाग के अर्पित पैलेस होटल (arpit palace hotel) के मालिक गोयल बंधुओं ने होटल चलाने का लाइसेंस लेने के लिये फर्जी दस्तावेज बनाए थे और उनकी “एक मात्र और प्राथमिक” चिंता “लाभ कमाना” और “रुपये बनाना” थी। होटल में फरवरी में लगी आग में 17 लोगों की जान चली गई थी।

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अदालत (court) में दिये गए 50 पन्नों के आरोप-पत्र में पुलिस ने राकेश गोयल, उसके भाई शरद इंदु गोयल, होटल के महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार और प्रबंधक विकास कुमार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है।  

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पुलिस ने दावा किया कि गोयल बंधुओं ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के लोक स्वास्थ्य विभाग से हेल्थ ट्रेड लाइसेंस (HTL), दिल्ली अग्निशमन विभाग से अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग से अतिथि गृह चलाने के लिये लाइसेंस, पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र, रेस्तरां चलाने के लिये लाइसेंस समेत अन्य विभागों से लाइसेंस हासिल करने के लिये जाली दस्तावेज दिये। हाल में दायर किये गए आरोप पत्र में कहा गया कि होटल अॢपत पैलेस के मालिकों ने झूठे/बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी और विभिन्न विभागों से लाइसेंस हासिल करने और फिर उनके नवीकरण के लिये जाली दस्तावेज दिये।

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आरोपियों ने अर्पित होटल की ऊंचाई के तय सीमा (15 मीटर से नीचे) में होने की गलत घोषणा विभिन्न लाइसेंसिंग एजेंसियों से की और उसके आधार पर लाइसेंस हासिल किया था। इस अग्निकांड के बाद पुलिस ने होटल के महाप्रबंधन राजेंद्र और प्रबंधक विकास को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि होटल मालिक शरदेंदु गोयल घटना के बाद से फरार चल रहा है। 

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