Sunday, Nov 28, 2021
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kashivishwanath temple and gyanvapi case court admit another new petition kmbsnt

काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी मामले में कोर्ट ने एडमिट की नई याचिका, जारी किया नोटिस

  • Updated on 3/19/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। काशी विश्वनाथ मंदिर (kashi vishwanath temple) से सटे ज्ञानवापी मस्जिद परिसर मामले में शुक्रवार को एक नया मोड आया जब कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए एक नई याचिका स्वीकार कर ली। मंदिर परिसर के भीतर भगवान आदि विशेश्वर और देवी मां श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं के 'चरण' में दर्शन, पूजा, आरती, भोग, और अनुष्ठानों के प्रदर्शन मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार सिंह की कोर्ट ने फैसला सुनाया। 

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18 फरवरी को हुई थी नई याचिका दायर
फैसले में कहा गया कि मामला पूरा के अधिकार से संबंधित है। ये एक सिविल अधिकार के अंतर्गत आता है। इसलिए सिविल वाद द्वारा इसका निस्तारण होगा। 18 फरवरी 2021 में मंदिर पक्ष ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट की अदालत में एक नई याचिका दायर की थी। जिसमें दावा किया गया कि प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 191 भारतीय संविधान के विरुद्ध है।

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याचिका में की गई ये मांग
इस याचिका में ये मांग की गई कि आदि विशेश्वर 5 कोस का जो अवमुक्त एरिया है उसे मुक्त किया जाए। औरंगजेब ने जो मंदिर का हिस्सा तोड़ा है उसे वापस बनाया जाए और श्रृंगार गौराी की जो पूजा रोकी गई थी उसे फिर से शुरू किया जाए। इसके साथ याचिका में ये भी कहा गया है कि वक्फ एक्ट यहां अप्लाई नहीं होता है। 

जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस केस में भारत संघ, यूपी सरकार, जिलाधिकारी, एसएसपी वाराणसी, यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, अंजुमन इंताजामिया मस्जिद कमेटी और ट्रेस्ट ऑफ काशी विश्वनाश को प्रतिवादी बनाया गया है। 

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